प्रतापगढ़

क्यों आदिवासी परिवार वालों के लिए तेंदूपत्ता बना आय का जरिया…पढ़े पुरी खबर

जंगल में सुबह तेंदुपत्ता तोडकऱ लाते है गांव में
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pratapgarh
क्यों आदिवासी परिवार वालों के लिए तेंदूपत्ता बना आय का जरिया...पढ़े पुरी खबर

यहां बंडल बनाकर बेचते है ठेकेदार को
जंगल में आदिवासी परिवार जुटे हंै इस काम में
प्रतापगढ़/मेरियाखेड़ी . इन दिनों जंगल में निवासरत आदिवासी परिवार तेंदुपत्ता तोडकऱ रोजगार में जुटे हुए है। तेंदुपत्ता तोडऩे और सुखाकर बंडल बनाकर ठेकेदार को बेचने में सुबह से ही पूरा परिवार लग जाता है। इससे अतिरिक्त आमदनी भी हो रही है। जिले के जंगल में और जंगल के पास निवासरत दर्जनों गांवों के लोग इन दिनों तेंदुपत्ते संग्रहण करने मे लगे हुए हैं। सुबह और दिन में तीन से चार घंटों में जंगल से तेदुपत्ते तोडकऱ घर लाते हैं। घर पर बंडल बनाकर बेचने जाते हैं। जिले में सैंकड़ों हैक्टेयर में जंगल हैं। जहां आस पास दर्जनों गांवों के लोग अपने परिवार के साथ इस कार्य में जुटे हुए हैं। 30 से 35 पत्तों का एक बंडल बनाया जाता है। जिसे लेकर लोग सबंधित दुकान पर बेचने जाते हैं। जिसके बदले एक बंडल के 90 पैसे मिल जाते हैं। जिससे लोगों को प्रति दिन 300 से 400 रुपए की नकद आय हो रही है।

अलसुबह जाते हैं जंगल में
तेंदुपत्ता संग्रहण करने के लिए लोग अलसुबह उठकर जंगल में जाते हैं। जहां टीमरू के पेड़ से पत्ते तोडकऱ एकत्रित करते हैं। जो गठरी बनाकर सिर पर ढोकर घर लाते हैं। घर पर बैठकर सभी लोग इनके बंडल बनाते हैं।

प्रदेश का 40 प्रतिशत तेंदुपत्ता का उत्पादन प्रतापगढ़ में
गौरतलब है कि प्रदेश में कुल उत्पादन होने वाले में से 40 प्रतिशत तेंदुपत्ता प्रतापगढ़ के जंगलों से होता है। जबकि 6 0 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश के अन्य जंगलों में होता है। यहां के जंगलों में कई प्रजातियों के पेड़ पाए जाते हंै। इनमें तेंदू के पेड़ भी है। ऐसे में यहां तेंदूपत्ता का उत्पादन भी अधिक होता है। इस वर्ष भी तेंदूपत्तों के ठेकों में प्रतापगढ़ में 14 करोड़ रुपए के ठेके हुए है।

जिले में यहां से हो रहा संग्रहण
जिले में इस वर्ष तेंदुपत्ता संग्रहण के लिए कुल 20 इकाइयों के ठेके हुए है। इसमें बांसी, लालपुरा, लसाडिय़ा, छोटीसादड़ी, सियाखेड़ी, साठोला, देवगढ़, धमोतर, दलोट, रामपुरिया, जानागढ़, प्रतापगढ़, खूंता, मूंगाणा, कातीजाखेड़ा, भरकुंडी, मांडवी पीपल्या, पीपलखूंट, डूंगलावाणी इकाइयां है।
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Published on:
28 May 2018 10:02 am