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मोटरसाइकिल चोर गिरोह पकड़ा, जिन लोगों की बाइक चोरी हुई, वे पढ़े इस खबर को

10 मोटरसाइकिलें हुई बरामद, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
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Pratapgarh

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छोटीसादड़ी(प्रतापगढ़)
उपखण्ड क्षेत्र में हो रही मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने गत दिनों अभियान चलाया। इस दौरान एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। दो चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से निम्बाहेड़ा, उदयपुर , राजसमंद, बांसवाड़ा से चोरी हुई दस मोटरसाइकिलें जब्त की है। आरोपितों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
थाना अधिकारी प्रवीण टांक ने बताया कि चोरों व संपत्ति संबंधित अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत में ओंकारसिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की।
पुलिस के अनुसंधान में सामने आया कि कंवर चौकी निवासी मांगीलाल पुत्र पूरा मीणा एवं झालों का खेड़ा निवासी शंभूलाल पुत्र लिंबा मीणा को इन वारदातों में शामिल होने की आशंका पर पुलिस ने दोनों पर निगरानी रखनी शुरू की। दोनों आरोपित आए दिन नई मोटरसाइकिलें बदल रहे थे। इस पर पुलिस को शक हो गया। पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने निंबाहेड़ा, उदयपुर, राजसमंद, बांसवाड़ा से विभिन्न कंपनियों की 10 मोटरसाइकिल चोरी करने की वारदातें कबूल कर ली। पुलिस ने दोनों की निशानदेही से चोरी की गई दस मोटर साइकिलें बरामद कर ली है।
थाना अधिकारी प्रवीण टांक ने बताया कि दोनों आरोपियों से पुलिस सख्ती से पूछताछ कर रही है। साथ ही दोनों से और मोटरसाइकिले बरामद करने का प्रयास कर रही है और इनके गिरोह के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
ऐसे देते वारदात को अंजाम
पुलिस के हत्थे चढ़े बाइक चोरों ने पूछताछ में बताया कि वे दिन में शराब के नशे में भीड़-भाड़ वाले इलाके में घूमते थे। जहां ज्यादा मोटरसाइकिलें पड़ी हो। उसके बाद एक व्यक्ति आसपास निगरानी करता है तथा दूसरा व्यक्ति मोटरसाइकिल के पास जाकर हैंडल लॉक झटके से तोड़ देता या फिर उसको पिन निकालकर स्टार्ट कर निकल जाता।
ग्रामीणों को बेचते थे चोरी की गाडिय़ां
चोरी करने के बाद बाइक चोर गांव में जाते और ग्रामीण क्षेत्रों में भोले भाले ग्रामीणों को कम दामों में गाडिय़ां खरीदने के लिए कहते थे। लोग भी कम दामों में मोटरसाइकिल मिलने के झांसे में आ जाते। यह चोर लोगों को कागज बाद में देने की बात कह कर 10 या 15 हजार रुपयों में गाडिय़ां बेच देते थे।