
प्रतापगढ़ :राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और अनियमितताओं के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री मनोज पांडेय ने उन पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने से पहले अपने शासनकाल के मामलों पर भी जवाब देना चाहिए और उस दौरान हुई जांचों की रिपोर्ट जनता के सामने रखनी चाहिए।
प्रतापगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि अखिलेश यादव को यह बताना चाहिए कि जब वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उनकी सरकार ने जिन मामलों की जांच कराई थी, उनका क्या परिणाम निकला। उन्होंने विशेष रूप से मथुरा की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सरकारी जमीन को खाली कराने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ था, जिसमें एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
मनोज पांडेय ने कहा कि अखिलेश यादव को पहले अपने कार्यकाल में हुई घटनाओं और उनसे जुड़ी जांच रिपोर्टों को सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि उन मामलों में क्या कार्रवाई हुई और जांच का निष्कर्ष क्या रहा।
उन्होंने कहा, 'जब वह मुख्यमंत्री थे, तब जिन मामलों की जांच हुई, उनकी रिपोर्ट पहले जनता और मीडिया के सामने रखनी चाहिए। उसके बाद ही उन्हें दूसरों पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार बनता है।'
राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर प्रदेश की राजनीति में लगातार बयानबाजी जारी है। समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल जहां मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष बिना तथ्यों के राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
मनोज पांडेय ने कहा कि विपक्ष को गंभीर विषयों पर राजनीति करने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल जनता का ध्यान भटकाने के लिए लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर काम कर रही है और किसी भी मामले में कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को भी अपने शासनकाल के दौरान हुए विवादित मामलों पर जवाब देना चाहिए, ताकि जनता पूरे सच से अवगत हो सके।
राम मंदिर मुद्दे पर सपा और भाजपा के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है। फिलहाल दोनों दल इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने नजर आ रहे हैं।