प्रयागराज

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फिर हुआ बवाल, कुलपति से न मिलने देने पर छात्रों ने किया हंगामा

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सोमवार को नार्थ हाल में आयोजित परीक्षा समिति की बैठक में आई कुलपति से मिलने छात्र सत्यम कुशवाहा पहुंचे तो नार्थ हाल के बाहर ही विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्ड व पुलिस रोकने लगे। वहीं छात्र मिलने की गुहार लगाता रहा, लेकिन सुरक्षा गार्डों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। जिसके बाद छात्र सत्यम वही धरने पर बैठ गया। छात्र अकेले धरने पर बैठे देखकर विश्वविद्यालय के अन्य छात्र समर्थन में छात्र भी आ गये और जमकर नारेबाजी करने लगे।
less than 1 minute read
• •
Updated: 23 May 2022, 7:51 PM IST
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फिर हुआ बवाल, कुलपति से मिलने न मिलने देने पर छात्रों ने किया हंगामा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फिर हुआ बवाल, कुलपति से मिलने न मिलने देने पर छात्रों ने किया हंगामा

प्रयागराज: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों का बवाल जारी है। कुलपति से न मिलने देने पर छात्र और सुरक्षा गार्ड के बीच जमकर बवाल हुआ। इलाहाबाद विश्वविद्यालय परास्नातक दर्शनशास्र प्रथम सेमेस्टर के छात्र सत्यम कुशवाहा का विश्वविद्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और उन्हें सेमेस्टर की परीक्षा भी नहीं देने दी गई है। प्रवेश बहाल करने के लिए सत्यम कुशवाहा लगातार इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। सोमवार प्रवेश बहाली को लेकर छात्रों ने जमकर बवाल काटा।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सोमवार को नार्थ हाल में आयोजित परीक्षा समिति की बैठक में आई कुलपति से मिलने छात्र सत्यम कुशवाहा पहुंचे तो नार्थ हाल के बाहर ही विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्ड व पुलिस रोकने लगे। वहीं छात्र मिलने की गुहार लगाता रहा लेकिन सुरक्षा गार्डों ने उन्हें मिलने नहीं दिया जिसके बाद छात्र सत्यम वही धरने पर बैठ गया। छात्र अकेले धरने पर बैठे देखकर विश्वविद्यालय के अन्य छात्र समर्थन में छात्र भी आ गये और जमकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद कुछ देर में पुलिस बल का प्रयोग कर धरने पर बैठे छात्रों को परिसर से बाहर किया।

पीड़ित छात्र सत्यम कुशवाहा ने कहा कि क्या छात्रों की आवाज उठाना गलत है? जो मेरा प्रवेश रद्द कर दिया गया मुझे शिक्षा से वंचित करना असंवैधानिक है। वहीं छात्रनेता इंद्रजीत मौर्य ने कहा कि एक किसान परिवार से आने वाले छात्र का प्रवेश रद्द करना व उसपर अत्याचार करना है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन व कुलपति के संकुचित मानसिकता को दर्शाता है।

Updated on:
23 May 2022, 7:51 PM IST
Published on:
Also Read
View All
‘मम्मी, पापा घर कब आएंगे?’: महीनों से पाकिस्तान में फंसे नाविक के मासूम बच्चे की यह पुकार झकझोर देगी दिल

राष्ट्रीय एकता दिवस: प्रयागराज में ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन में बवाल, कुर्सियां तोड़ीं, सर्टिफिकेट के लिए मची छीना-झपटी

प्रयागराज: नीले ड्रम में 5 करोड़ कैश के बाद अब घर में मिले 4 बंद बक्से, रडार से हो रही जमीन की तलाशी; जानिए पूरा मामला

शिक्षा निदेशालय में घुसे TGT-PGT अभ्यर्थी: प्रयागराज में 4 लेयर की बैरिकेडिंग तोड़ी, जमकर हंगामा

स्वराज भवन पहुंचीं आराधना मिश्रा मोना, बोलीं- हर कांग्रेसी के लिए मंदिर के समान है यह स्थान; सामाजिक न्याय पर भी दिया जोर