माघ मेले का आगाज तीन दिन बाद शुरू हो जाएगा। मेला क्षेत्र में पुलिस थानों व खोया पाया केंद्र के चिन्हिकरण के लिए हवाई गुब्बारा और चमकीली लाइट लगाएंगे दिए गए हैं। मेला में अगर आप कोई अपना खो गया तो घबराने के की जरूरत नहीं है।आप विशेष गुब्बारे के मदद से खोया पाया केंद्र पहुंच जाएंगे। इसके साथ ही शौचालयों के चिन्हिकरण के लिए रंगीन लाइट की व्यवस्था की गई है। इसी के साथ स्नान के समय श्रद्धालुओं के सामानों की सुरक्षा हेतु क्लॉक रूम की भी व्यवस्था की गई है।
प्रयागराज: माघ मेले की तैयारी के लिए अब आखिरी के तीन दिन बचे हैं। 14 जनवरी से माघ मेले की शुरुआत हो जाएगी। मकर संक्रांति के पहले स्नान के साथ ही मेला का शुभारंभ हो जाएगा। माघ मेले में शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में आगामी माघ मेला को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए मेला प्रशासन द्वारा कुछ नए इंतजाम किए गए हैं। इस वर्ष आयोजित किए जा रहे माघ मेले में श्रद्धालुओं को पुलिस थानों, खोया पाया केंद्र व शौचालयों को दूर से ही चिन्हित करने में आसानी हो जाएगी। मेला प्रशासन ने इसके लिए विशेष व्यवस्था बनाई है।
सभी थानों के ऊपर लगेंगे विशेष गुब्बारा
माघ मेला प्रशासन ने सभी पुलिस थानों के ऊपर एक विशेष प्रकार के गुब्बारे लगा रही है,जिसमें उस थाने का विवरण पूरा लिखा रहेगा। इस व्यवस्था से श्रद्धालु आसानी से थानों की पहचान कर सकेंगे। सभी सेक्टर में बने थानों की पहचान इस नई तकरीब से होने वाली है। इसके साथ ही थाना कितनी दूर पर है यह श्रद्धालुओं के लिए यह चिन्हित करना आसान हो जाएगा।
इस क्रम में ऐसी ही व्यवस्था खोया पाया केंद्र एवं शौचालयों के चिन्हिकरण के लिए भी बनाई गई है। जहां खोया पाया केंद्र के चिन्हिकरण के लिए भी ऐसे ही गुब्बारे लगाए जाएंगे शौचालयों के चिन्हिकरण हेतु उनके ऊपर रंगीन लाइट की व्यवस्था की जाएगी।
घाटों पर बनेंगे लॉक रूम
माघ मेले की तैयारी अंतिम चरण पर है। मेला क्षेत्र में घाटों की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। दूर से स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं के समान की सुरक्षा प्रदान हो साथ ही स्नानार्थी स्नान के समय अपना सामान सुरक्षित रख सकें इसके लिए मेला प्रशासन ने लॉक रूम की भी व्यवस्था की है। मेला क्षेत्र में बने सभी घाटों पर लॉक रूम बनाए जाएंगे, जहां पर सभी स्नानार्थी निशुल्क अपना सामान सुरक्षित रख सकेंगे।
मेला अधिकारी श्री शेषमणि पांडेय ने बताया कि यह सारी व्यवस्थाएं विगत वर्षों में श्रद्धालुओं द्वारा शौचालयों, पुलिस थानों तथा खोया पाया केंद्रों के चिन्हिकरण एवं स्नान के समय अपने सामान को सुरक्षित रखने में आ रही समस्याओं के दृष्टिगत की गई हैं। मेला सुरक्षित और सफल हो इसके लिए सारी व्यवस्था की जा रही है।