
प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद शनिवार को उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली इजाजत के बाद अली अहमद को झांसी जेल से प्रयागराज लाते समय सुरक्षा कारणों के चलते जालौन में काफिले का रूट अचानक बदल दिया गया। इससे पहले सुबह करीब 9:25 बजे अली को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से बाहर निकाला गया। उसे वज्र वाहन में पुलिस के भारी काफिले के साथ प्रयागराज ले जाया जा रहा है। अली को जिस वाहन में ले जाया गया, उसमें करीब 15 पुलिसकर्मी मौजूद बताए जा रहे हैं। पूरे रास्ते सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट है।
पहले काफिले को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से लाने की योजना थी, लेकिन खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद अंतिम समय में इसे झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर मोड़ दिया गया। हालांकि, इस बदलाव को लेकर पुलिस प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।
छह गाड़ियों का विशेष काफिला उरई कोतवाली क्षेत्र के बड़ा गांव के पास करीब दो मिनट के लिए रुका। यहां पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने हालात का जायजा लिया। सब कुछ सामान्य मिलने के बाद काफिला आगे बढ़ गया। पूरे रास्ते जालौन पुलिस सुरक्षा में मुस्तैद रही। अली अहमद की मूवमेंट को लेकर जालौन में हाई अलर्ट घोषित किया गया। जिले की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी गई।
गौरतलब है कि गुरुवार को झांसी में हुए सड़क हादसे में आबान अहमद की मौत हो गई थी। शनिवार को प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंतिम संस्कार को देखते हुए प्रयागराज में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
इससे पहले शुक्रवार को पैरोल याचिका पर सुनवाई के दौरान उमर और अली अहमद को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान उमर ने अली को हौसला बनाए रखने और मीडिया से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।