
Atiq Ahmed Son: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार को पैरोल याचिका पर सुनवाई के दौरान जेल में बंद अतीक अहमद के बेटों उमर और अली को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश किया गया। मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, सुनवाई के दौरान उमर ने अदालत से अपने छोटे भाई अली से बात करने की अनुमति मांगी। उसने कहा कि करीब तीन साल से उसकी अली और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात नहीं हुई है। कोर्ट की अनुमति मिलने पर उमर ने अली से हौसला बनाए रखने और मीडिया के सामने किसी तरह की बयानबाजी नहीं करने को कहा।
उमर ने बड़े भाई के तौर पर अली को समझाया कि उसे घबराने की जरूरत नहीं है और मीडिया की ओर से सवाल किए जाने पर कोई बयान नहीं देना है। उमर की यह बात अदालत की उस हिदायत के संदर्भ में थी, जिसमें दोनों को मीडिया के सामने बयान देने और किसी जुलूस में शामिल होने से दूर रहने के निर्देश दिए गए थे।
अतीक अहमद के दोनों बेटों के व्यवहार को लेकर पहले भी अलग-अलग तस्वीर सामने आती रही है। उमर को अपेक्षाकृत गंभीर स्वभाव का माना जाता है, जबकि अली कई मौकों पर मीडिया से बातचीत कर चुका है। पिछले साल नैनी सेंट्रल जेल से अली को झांसी जेल स्थानांतरित किए जाने के दौरान भी उसने मीडिया से बात की थी। उसका यह बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आया था।
अली ने उस समय मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री से उसे और परेशान नहीं किए जाने की अपील की थी। उसने कहा था कि जो हो गया, वह हो गया और उसे आगे परेशान किए जाने से बचाया जाए। झांसी जेल भेजे जाने को लेकर भी उसने नाराजगी जाहिर की थी।
उमर और अली को कोर्ट के सामने पेश करने की प्रक्रिया अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी की ओर से दाखिल पैरोल याचिका के बाद हुई। याचिका में दोनों को अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की गई थी। अधिवक्ता सफदर काजमी ने कोर्ट को उमर और अली से परवीन की रिश्तेदारी बताते हुए जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में अतीक के दो बेटों का इन्हें सरंक्षक बनाया था।
इस जानकारी के बाद अदालत ने उमर और अली को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश करने का निर्देश दिया। करीब आधे घंटे बाद दोनों को कोर्ट से जोड़ा गया। सुनवाई के दौरान उमर और अली ने जनाजे में शामिल होने की इच्छा जताई। कहा कि पैरोल की याचिका उनकी सहमति से दाखिल की गई है। दोनों ने अदालत की ओर से तय की जाने वाली सभी शर्तों का पालन करने की बात भी कही।
सुनवाई के दौरान उमर ने अदालत के सामने अपने भाई और परिवार से मुलाकात का मुद्दा भी रखा। उसने कहा कि पिछले करीब तीन वर्षों से उसकी जेल में बंद अली और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात नहीं हुई है। उमर ने अदालत से कम से कम एक घंटे की मुलाकात की अनुमति देने का आग्रह किया। इस पर कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को उमर और अली की उनके भाई अहजम अहमद तथा बुआ परवीन कुरैशी से एक घंटे की मुलाकात की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। पैरोल की शर्तों के तहत दोनों को मीडिया से दूरी बनाए रखने और जुलूस में शामिल नहीं होने की हिदायत भी दी गई है।
पैरोल की अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार देर रात झांसी जिला जेल से अली के बाहर आने की प्रक्रिया को लेकर जेल प्रशासन स्तर पर तैयारियां तेज हुईं। अब अदालत की तय शर्तों के अनुसार अली और उमर के जनाजे में शामिल होने तथा परिवार से मुलाकात की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
Updated on:
08 Aug 2026 08:22 am
Published on:
08 Aug 2026 07:51 am
