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एयरबैग खुले फिर भी क्यों नहीं बची आबान की जान? सामने आई अतीक के बेटे की मौत की मुख्य वजह

Abaan Ahmed Death: झांसी हाईवे पर एयरबैग खुलने के बाद भी अतीक के बेटे आबान की जान क्यों नहीं बच सकी? जानिए झांसी जेल में बंद भाई से मुलाकात के दौरान हुए इस भीषण हादसे की वजह और कार में सवार अन्य 3 घायलों की स्थिति।
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Atik ahmad Son aban

झांसी सड़क हादसा में एयरबैग खुलने के बाद भी नहीं बची आबान की जान।

Jhansi Road Accident: झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में कानपुर-झांसी हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के 21 वर्षीय बेटे आबान अहमद और उसके दोस्त सोनू खान की मौत हो गई। हादसे के वक्त कार के एयरबैग खुल गए थे, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक आबान और कार चला रहे सोनू ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। तेज रफ्तार क्रेटा के डिवाइडर से टकराने के बाद कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

झांसी जेल में भाई अली से मिलने जा रहा था आबान

आबान अहमद गुरुवार तड़के प्रयागराज से झांसी के लिए निकला था। उसके साथ सोनू खान, अहजम उर्फ असलम, मोहम्मद जैद और उमर अहमद भी थे। सभी झांसी जेल में बंद आबान के बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करने जा रहे थे। अली अहमद करीब 10 महीने से झांसी जेल में बंद है।

हादसा सुबह करीब 10:30 बजे झांसी जिले में पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, क्रेटा कार तेज रफ्तार में थी और इसी दौरान सड़क पर मवेशी आने की आशंका के बीच चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और कार डिवाइडर से जा टकराई।

एयरबैग खुले, लेकिन सीट बेल्ट नहीं थी

हादसे के बाद कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मीडिया रिपोर्टों में सामने आया है कि टक्कर के दौरान कार के एयरबैग खुल गए थे। इसके बावजूद आबान और चालक सोनू की जान नहीं बच सकी। शुरुआती जांच में दोनों के सीट बेल्ट नहीं लगाए होने की बात सामने आई है।

तेज रफ्तार में डिवाइडर से हुई सीधी टक्कर के कारण कार के अगले हिस्से पर जबरदस्त प्रभाव पड़ा। ऐसे हादसों में एयरबैग टक्कर के दौरान सुरक्षा देने के लिए खुलते हैं, लेकिन वे सीट बेल्ट का विकल्प नहीं होते। इस मामले में भी पुलिस हादसे की परिस्थितियों, वाहन की गति और कार सवारों की स्थिति समेत दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है।

राहगीरों ने पुलिस को दी सूचना, शीशे तोड़कर निकाले गए लोग

टक्कर की आवाज सुनकर और दुर्घटनाग्रस्त कार को देखकर राहगीर मौके पर रुके। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम के पहुंचने के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। वाहन के दरवाजे और शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकालना पड़ा।

कार की आगे की सीट पर बैठे आबान और चालक सोनू की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं उमर अहमद, मोहम्मद जैद और अहजम उर्फ असलम को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज झांसी भेजा गया। हादसे की जानकारी मिलने पर एसएसपी, एसपी ग्रामीण और सीओ मोंठ समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और दुर्घटना की स्थिति का निरीक्षण किया।

पूरामुफ्ती का रहने वाला था सोनू खान

हादसे में जान गंवाने वाला सोनू अहमद उर्फ सोनू खान प्रयागराज के पूरामुफ्ती क्षेत्र के हटवा गांव का रहने वाला था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और प्लाटिंग का काम करता था। उसकी मौत की खबर के बाद परिवार में मातम का माहौल है।

हादसे में घायल उमर अहमद, आबान का चचेरा भाई बताया गया है। आबान उमर के घर में ही रहता था। वहीं मोहम्मद जैद और अहजम अहमद भी प्रयागराज के मोहत्सिमगंज इलाके के रहने वाले हैं। दुर्घटनाग्रस्त क्रेटा कार जैद की थी और वही उसे चला रहा था।

मोहम्मद जैद प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा था। वह दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा है। करीब चार साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसके तीन बच्चे हैं। उसके पिता जावेद अहमद पुराने किले इलाके में टेक्नीशियन हैं। दूसरी ओर घायल अहजम अहमद अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है।