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बेटे अबान के जनाजे में अतीक की बीवी शाइस्ता के पहुंचने की अफवाह, पुलिस अलर्ट

Shaista Parveen: क्या पुलिस को चकमा देकर बेटे के जनाजे में पहुंची थी शाइस्ता परवीन? हटवा गांव में बुर्के के पीछे का सच उड़ा देगा होश! जानिए क्या है इस दावे की पूरी हकीकत।
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Atiq ahmad

अतीक अहमद की बीवी और उमेश पाल हत्याकांड में वांछित शाइस्ता परवीन शुक्रवार को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में रही।

Atiq Ahmed Son Aban Death :अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन शुक्रवार को एक बार फिर सुर्खियों में आ गई। सड़क हादसे में सबसे छोटे बेटे आबान की मौत के बाद जब उसका शव प्रयागराज के हटवा गांव लाया गया तो यह चर्चा फैल गई कि शाइस्ता चुपचाप अपने बेटे का आखिरी बार चेहरा देखने पहुंची थी। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने इन खबरों को पूरी तरह से निराधार और अफवाह बताया है।

शुक्रवार सुबह शव गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसमें बड़ी संख्या में बुर्का पहने महिलाएं भी शामिल थीं। इसी भीड़ के बीच शाइस्ता के गुपचुप आकर चले जाने की अफवाहों को बल मिला, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। शाइस्ता के आने की आशंका को देखते हुए खुफिया एजेंसियां और पुलिस बल पहले से ही हाई अलर्ट पर थे। एसीपी धूमनगंज अजयेंद्र यादव के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस और महिला कांस्टेबलों को तैनात किया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शाइस्ता के आने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

जेल में बंद बड़े भाइयों का इंतजार

आबान का शव उसकी बुआ के हटवा स्थित घर पर रखा गया है, जहां उसके रिश्तेदार और करीबी एकत्र हैं। परिवार अब जेल में बंद आबान के बड़े भाइयों उमर और अली का इंतजार कर रहा है। उनके आने के बाद ही आबान का जनाजा उठाया जाएगा। इसके बाद उसे कसारी-मसारी स्थित कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की कब्रों के पास ही सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। वहीं, इस हादसे में जान गंवाने वाले आबान के दोस्त रफीक उर्फ सोनू को शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के बाद दफना दिया गया।

पूरे इलाके में मातम और कड़ा सुरक्षा घेरा

हादसे के बाद से ही हटवा गांव, चकिया और कसारी-मसारी कब्रिस्तान क्षेत्र में सन्नाटा और मातम पसरा है। सुरक्षा और शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन सभी इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे दिन समर्थकों और करीबियों की आवाजाही के बीच गहमागहमी का माहौल बना रहा। फरार चल रही इनामी शाइस्ता परवीन, अतीक की बहन आयशा नूरी और अशरफ की पत्नी जैनब के आने की संभावना को देखते हुए खुफिया एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

मां का सबसे चहेता था आबान

करीबियों के मुताबिक, आबान अपनी मां शाइस्ता का सबसे लाडला था। साल 2023 में अतीक और अशरफ की हत्या के वक्त आबान नाबालिग था। उसी दौरान कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए शाइस्ता फरार हो गई थी, जिसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। करीब तीन साल बाद बेटे की इस दर्दनाक मौत ने एक बार फिर शाइस्ता और अन्य फरार महिला आरोपियों की पुलिस तलाश को तेज कर दिया है।