हाईकोर्ट ने मऊ जिले के पौनी गांव में केन्द्र व राजय सरकार के अनुदान से बने शौचालयों की स्थिति पर मागा जवाब।
इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद ने राज्य सरकार से स्वच्छ भारत मिशन के तहत मऊ जिले के पौनी गांव में केंद्र व राज्य सरकार के अनुदान से बने शौचालयों की स्थिति पर जवाब मांगा है याचिका की सुनवाई 15 मार्च को होगी। यह आदेश चीफ जस्टिस डी.बी. भोसले तथा जस्टिस सुनीत कुमार की खंडपीठ ने यशवंत सिंह की जनहित याचिका पर दिया है।
राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता सुधांशु श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि 24 हजार में बनकर तैयार होने वाले शौचालयों की आधी राशि सरकार देती है और चयनित व्यक्तियों के खाते में आधी बनने से पहले व आधी बनकर तैयार होने के बाद धनराशि दी जाती है। 300 से अधिक लोगों का चयन किया गया जिन्हें शौचालय बनाने के लिए धन दिया जाना है। 245 शौचालय बन चुके है शेष मार्च 2018 तक तैयार हो जाएंगे। कोर्ट ने जानना चाहा है कि क्या योजना राशि का सही इस्तेमाल किया जा रहा है। निगरानी तंत्र की जानकारी के साथ सरकार व जिला पंचायतराज अधिकारी से जवाब मांगा है।
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हाईकोर्ट का निर्देश तदर्थ शिक्षक को नियमित करने का विचार करें
हाईकोर्ट इलाहाबाद ने श्री शंकराधाम महाविद्यापीठ इंटर कालेज सीखड़ मिर्जापुर के तदर्थ अध्यापक रासबिहारी त्रिपाठी के सेवा नियमित करने पर धारा 33 (जी) के तहत दो हफ्ते में विचार करने का निर्देश दिया है। साथ ही याची को दो हफ्ते में बकाया वेतन भुगतान करने का भी आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने आरबी त्रिपाठी की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा उप्र ने यह कहते हुए याची को नियमित करने से इंकार कर दिया था कि इसी पद पर आयोग से चयनित इरफान खान ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
By Court Correspondence
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