प्रयागराज

इलाहाबाद हाईकोर्ट: नाबालिग ने मांगी गर्भपात कराने की इजाजत, जाने कोर्ट ने क्या दिया निर्देश

मामले में नाबालिग लड़की ने अपने ही एक रिश्तेदार के संपर्क में रही और संबंध बनाने से गर्भवती हो गई। इसके साथ ही लड़की ने उस रिश्तेदार से शादी भी कर ली है। सोनोग्राफी रिपोर्ट के मुताबिक उसे 16 सप्ताह और पांच दिन का गर्भ है। इसकी जानकारी होने पर नाबालिग लड़की के पिता ने रिश्तेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच के दौरान रिश्तेदार पर दुष्कर्म का केस दर्ज किया।
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Updated: 4 Jun 2022, 6:10 PM IST
इलाहाबाद हाईकोर्ट: नाबालिग ने मांगी गर्भपात कराने की इजाजत, जाने कोर्ट ने क्या दिया निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट: नाबालिग ने मांगी गर्भपात कराने की इजाजत, जाने कोर्ट ने क्या दिया निर्देश

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नाबालिग ने कोर्ट से गर्भपात कराने की इजाजत मांगी थी। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चार चिकित्सकों को निर्देशित करते हुए बोर्ड गठित करके लड़की का परीक्षण करने का आदेश दिया है। नाबालिग ने रिश्तेदार के साथ संबंधों में आने से गर्भवती हुई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज मेरठ के प्राचार्य को निर्देशित करते हुए चार चिकित्सकों का बोर्ड गठित कर लड़की का परीक्षण करने को कहा है।

इसके साथ ही मामले में कोर्ट ने मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में पेश करने को कहा है। मामले में मेरठ के सत्र न्यायाधीश प्रथम को समन्वयक के तौर पर कार्य करने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने एसपी बागपत को भी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने को कहा है। मामले में यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति चंद्र कुमार राय ने नाबालिग लड़की के पिता की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

यह है मामला

मामले में नाबालिग लड़की ने अपने ही एक रिश्तेदार के संपर्क में रही और संबंध बनाने से गर्भवती हो गई। इसके साथ ही लड़की ने उस रिश्तेदार से शादी भी कर ली है। सोनोग्राफी रिपोर्ट के मुताबिक उसे 16 सप्ताह और पांच दिन का गर्भ है। इसकी जानकारी होने पर नाबालिग लड़की के पिता ने रिश्तेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच के दौरान रिश्तेदार पर दुष्कर्म का केस दर्ज किया। इसके साथ ही नाबालिग होने के साथ ही याची के जीवन के साथ साथ उसके शारिरिक और मानसिक स्वास्थ्य को खतरा है। इसीलिए याची ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971 की धारा तीन के तहत गर्भ समाप्त करने की अनुमति मांगी है।

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