कोर्ट ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा को नई पेंशन योजना लागू होने से पहले चयनित लेकिन बाद में नियुक्त अध्यापक को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ देने के मामले में दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। मामले में जल्द से जल्द निर्णय ले। निदेशक शिक्षा माध्यमिक को यह नई पेंशन योजना लागू होने से पहले चयनित और बाद में पुरानी पेंशन का स्कीम का लाभ देने के मामले में दो माह के भीतर निर्णय लेने को लेकर निर्देशित किया।
प्रयागराज: पुरानी पेंशन योजना को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया किया है। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा को नई पेंशन योजना लागू होने से पहले चयनित लेकिन बाद में नियुक्त अध्यापक को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ देने के मामले में दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। मामले में जल्द से जल्द निर्णय ले।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए निदेशक शिक्षा माध्यमिक को यह नई पेंशन योजना लागू होने से पहले चयनित और बाद में पुरानी पेंशन का स्कीम का लाभ देने के मामले में दो माह के भीतर निर्णय लेने को लेकर निर्देशित किया। मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि कमलेश कुमार सनाकर केस के फैसले के तहत याची को सुनकर सकारण आदेश पारित करें। मामले में यह आदेश न्यायमूर्ति वीसी दीक्षित ने अजय कुमार विश्वकर्मा की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
मामले में इस याचिका पर अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी ने दलील पेश की। अधिवक्ता का कहना था कि याची की नियुक्ति लेडी प्रसन्न कौर इंटर कालेज बांसडीला, सरदार नगर, गोरखपुर में 24 सितंबर 2004 को नियुक्ति हुई, लेकिन प्रबंधक ने कार्यभार ग्रहण नहीं कराया। डीआइओएस के निर्देश पर नौ जुलाई 2005 को ज्वाइन कराया। 28 मार्च 2005 को अधिसूचना जारी कर प्रदेश में नई पेंशन योजना लागू कर दी गई।
याची ने प्रत्यावेदन दिया कि उसकी नियुक्ति नई पेंशन योजना लागू होने से पहले कर दी गई थी किन्तु ज्वाइन करने में देरी की गई। इसमें उसकी गलती नहीं है, इसलिए उसे पुरानी पेंशन दी जाए। हाईकोर्ट ने इस मसले पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।