प्रयागराज

बाहुबलियों की खुलेगी कुंडली! राजा भैया, धनंजय सिंह, अब्बास अंसारी और बृजभूषण सिंह समेत इनके शस्त्र लाइसेंसों की जांच के आदेश

High Court Summoned Criminal Records: राजा भैया, धनंजय सिंह, अब्बास अंसारी और बृजभूषण सिंह समेत कई बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच के आदेश कोर्ट ने दिए हैं। जानिए पूरा मामला क्या है?

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बाहुबलियों की खुलेगी कुंडली! फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

High Court Summoned Criminal Records: उत्तर प्रदेश में बढ़ते गन कल्चर और प्रभावशाली लोगों को जारी शस्त्र लाइसेंस को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में खुलासा हुआ है कि राज्य में 10 लाख से ज्यादा लोगों के पास शस्त्र लाइसेंस हैं, जिनमें 6062 ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन पर 2 या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

इस खुलासे के बाद हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए उन बाहुबलियों और प्रभावशाली लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि तथा उन्हें मिली सरकारी सुरक्षा का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है, जिनका नाम सरकारी हलफनामे में शामिल नहीं किया गया।

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जयशंकर की याचिका पर सुनवाई के दौरान उठे सवाल

यह मामला संतकबीर नगर निवासी जयशंकर की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर (Vinod Diwakar) की एकल पीठ कर रही है।

इससे पहले अदालत ने प्रदेश में शस्त्र लाइसेंसों के आवंटन, नवीनीकरण और नियमों के पालन को लेकर सरकार से मंडलवार विस्तृत जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने विशेष रूप से यह जानना चाहा था कि किन परिस्थितियों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को हथियार लाइसेंस जारी किए गए।

सरकार ने हलफनामे में क्या बताया?

प्रदेश सरकार की ओर से अपर मुख्य सचिव (गृह) और संयुक्त सचिव द्वारा दाखिल हलफनामे में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 10,08,953 शस्त्र लाइसेंस जारी हैं। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों में 23,407 आवेदन अभी लंबित हैं। हलफनामे के अनुसार, 6062 ऐसे व्यक्तियों को भी शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए हैं जिनके खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 20,960 परिवारों के पास एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस भी मौजूद हैं।

बाहुबलियों और प्रभावशाली लोगों की मांगी गई कुंडली

हाईकोर्ट ने उन प्रभावशाली लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि और सुरक्षा व्यवस्था का विवरण मांगा है, जिनके नाम सरकारी हलफनामे में नहीं थे। इनमें कई चर्चित राजनीतिक और आपराधिक छवि वाले नाम शामिल हैं। अदालत ने विशेष रूप से अब्बास अंसारी (Abbas Ansari), बृजभूषण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh), राजा भैया, जैसे नामों से जुड़े मामलों की जानकारी मांगी है।

लखनऊ जोन के कई नामों की भी रिपोर्ट तलब

कोर्ट ने लखनऊ जोन और लखनऊ कमिश्नरेट से जुड़े कई लोगों की पूरी आपराधिक कुंडली और सुरक्षा संबंधी जानकारी भी तलब की है। इनमें खान मुबारक, अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही, संजय सिंह सिंघाला, अतुल वर्मा, मोहम्मद साहिब, सुधाकर सिंह, गुड्डू सिंह, अनूप सिंह, लल्लू यादव, बच्चू यादव और जुगनू वालिया उर्फ हरविंदर जैसे नाम शामिल हैं।

इन नेताओं के लाइसेंसों की जांच के आदेश

अदालत ने कई प्रभावशाली नेताओं और बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस की जांच के भी आदेश दिए हैं। इनमें रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (Raghuraj Pratap Singh), धनंजय सिंह (Dhananjay Singh), बृजभूषण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) समेत कई अन्य नाम शामिल हैं। इसके अलावा सुशील सिंह, विनीत सिंह, अजय मरहाद, सुजीत सिंह बेलवा, उपेंद्र सिंह गुड्डू और उदयभान सिंह जैसे लोगों के लाइसेंसों की भी जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।

गन कल्चर पर बढ़ी चिंता

प्रदेश में बड़ी संख्या में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के पास हथियार लाइसेंस होने का मामला सामने आने के बाद कानून व्यवस्था और शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाईकोर्ट अब यह जानना चाहता है कि आखिर किन आधारों पर ऐसे लोगों को लाइसेंस दिए गए और क्या उनके लाइसेंस जारी करने में नियमों का पालन किया गया था या नहीं। मामले की अगली सुनवाई में सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी।

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