इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटों उमर अंसारी व अब्बास अंसारी की सुरक्षा की मांग को लेकर दाखिल याचिका अर्थहीन होने के आधार पर खारिज कर दी है। किन्तु कहा है कि यदि नया वाद कारण उत्पन्न होता हैतो दुबारा याचिका दायर करने में यह आदेश आड़े नहीं आयेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटों उमर अंसारी व अब्बास अंसारी की सुरक्षा की मांग को लेकर दाखिल याचिका अर्थहीन होने के आधार पर खारिज कर दी है। किन्तु कहा है कि यदि नया वाद कारण उत्पन्न होता है तो दुबारा याचिका दायर करने में यह आदेश आड़े नहीं आयेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति वी के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने उमर अंसारी व अन्य की याचिका पर दिया है।
याची का कहना था कि बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह व विधायक सुशील सिंह के खिलाफ विशेष अदालत प्रयागराज में पैरवी के लिए आने में उन्हें खतरा है।उनकी व गवाहों की सुरक्षा की जाए और महानिदेशक जेल उप्र लखनऊ को निर्देश दिया जाय कि अभियुक्तों व गवाहों की पेशी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से की जाए। क्यों कि प्रयागराज में चल रहा आपराधिक केस गाजीपुर की एमपी एमएलए विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है। अब प्रयागराज में पैरवी के लिए आना नहीं पड़ेगा।
याचिका निरुद्देश्य हो गई है। याची अधिवक्ता उपेन्द्र उपाध्याय ने याचिका वापस लेने की प्रार्थना की ।जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने याचिका वापस करते हुए खारिज कर दी है। मुख्तार अंसारी के काफिले पर कातिलाना हमले को लेकर आपराधिक केस विशेष अदालत में चल रहा है।