प्रयागराज

क्या बुलडोजर के डर से बाहुबली अतीक अहमद का खत्म हो गया प्रयागराज में राजनीतिक वर्चस्व, दूसरी बार सिद्धार्थनाथ सिंह जाने किस वजह से जीते

प्रयागराज शहर पश्चिमी सीट पर कब्जा रखने वाले बाहुबली अतीक अहमद का अब वर्चस्व खत्म सा हो गया है। एक दौर था जब बाहुबली अतीक अहमद अपने दम पर प्रयागराज की 12 में से 12 सीटों को जिताने का दावा करते थे लेकिन अब प्रयागराज से उनका वर्चस्व खत्म होता नजर आ रहा है। इलाहाबाद पश्चिमी सीट माफिया अतीक अहमद के प्रभाव की मानी जाती है लेकिन इस चुनाव में बुलडोजर माफिया की राजनीति पर भी चल गया। अतीक के परिवार ने इस चुनाव में पूरी तरह खुद को अलग रखा।

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क्या बुलडोजर के डर से बाहुबली अतीक अहमद का खत्म हो गया प्रयागराज में राजनीतिक वर्चस्व, दूसरी बार सिद्धार्थनाथ सिंह जाने किस वजह से जीते
क्या बुलडोजर के डर से बाहुबली अतीक अहमद का खत्म हो गया प्रयागराज में राजनीतिक वर्चस्व, दूसरी बार सिद्धार्थनाथ सिंह जाने किस वजह से जीते

प्रयागराज: बाहुबली अतीक अहमद ने 2022 के विधानसभा चुनाव में पूरी तरह से किनारा कर लिया है। प्रयागराज शहर पश्चिमी सीट पर कब्जा रखने वाले बाहुबली अतीक अहमद का अब वर्चस्व खत्म सा हो गया है। एक दौर था जब बाहुबली अतीक अहमद अपने दम पर प्रयागराज की 12 में से 12 सीटों को जिताने का दावा करते थे लेकिन अब प्रयागराज से उनका वर्चस्व खत्म होता नजर आ रहा है। इलाहाबाद पश्चिमी सीट माफिया अतीक अहमद के प्रभाव की मानी जाती है लेकिन इस चुनाव में बुलडोजर माफिया की राजनीति पर भी चल गया। अतीक के परिवार ने इस चुनाव में पूरी तरह खुद को अलग रखा। अब न तो बाहुबली का भय है न ही उनके परिवारों का।

बुलडोजर का भय से कांप उठते हैं माफिया

2017 में यूपी भाजपा सरकार बनी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया क्लीन का नारा दिया और बुलडोजर को खदेड़ना शुरू किया। अवैध कब्जा की जमीन को मुक्त कराने और माफियाओं को जेल में डालने का काम किया। इसके बाद प्रदेश में तेजी के साथ बुलडोजर दौड़ा और माफियाओं के होश उड़ गए। इसका नतीजा रहा कि इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट पर सिद्धार्थनाथ सिंह दोबारा जीतने में सफल रहे।

बाहुबली अतीक का परिवार खुद को राजनीति से रखा दूर

प्रयागराज की शहर पश्चिमी सीट से लगातार बाहुबली अतीक अहमद का कब्जा रहा है। अतीक ने इस सीट से लगातार पांच बार विधायक रहे और उसके बाद अपने भाई मोहम्मद अशरफ को भी चुनाव लड़ाकर जीत दर्ज कराया था। लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में बाहुबली का वर्चस्व कम हुआ और भाजपा ने जीत दर्ज की। इसके बाद भाजपा सरकार ने अतीक अहमद पर ऐसा बुलडोजर चलवाया कि 2022 के चुनावी जंग में बाहुबली का परिवार चुनाव मैदान छोड़ दिया है। दूसरी बार शहर पश्चिमी से सिद्धार्थ नाथ सिंह चुनाव जीते।

पांच साल तक सक्रिय रहे मंत्री

सरकार बनने के बाद स ही पिछले पांच सालों में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह लगातार इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा में सक्रिय रहे। अलग अलग गांवों में जाकर लोगों के साथ बैठक करने से लेकर उनकी समस्याओं को सुनने तक के सकारात्मक नतीजे आए। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में बड़ी परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी और महिलाओं को रोजगार से जोड़ा। जिसका मुख कारण है कि 2022 में लाभ मिला है। इस विधानसभा क्षेत्र में 60 हजार से अधिक मुस्लिम, 80 हजार दलित, 40 हजार पाल, इतने ही पटेल मतदाता हैं।

बुलडोजर बना जीत का मंत्र

समाजवादी सरकार में बाहुबली अतीक अहमद ने कई अवैध संपति को कब्जा करके उसपर निर्माण किया था। योगी सरकार ने माफियाओं पर कार्रवाई शुरू किया तो तमाम संपत्तियों को कब्जे से मुक्त कराया। अवैध निर्माण कर भी बुलडोजर चलाया। इसी क्रम में प्रयागराज में बाहुबली अतीक अहमद के कब्जे से अवैध संपत्ति मुक्त कराई गई थी, जिसका मुख्य कारण जीत का है।

Published on:
13 Mar 2022 12:35 pm
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