
Atiq Ahmed Son Abaan Death Case Update: कुख्यात माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की झांसी में हुए सड़क हादसे में मौत के बाद परिवार और पुलिस की गतिविधियां तेज हो गई हैं। गुरुवार देर रात अस्पताल प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में अबान और उसके दोस्त सोनू के शवों का पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया। अबान का अंतिम संस्कार प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किए जाने की तैयारी है।
जानकारी के अनुसार, अबान अहमद अपने साथियों के साथ झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। इसी दौरान झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम खिल्ली के पास तेज रफ्तार क्रेटा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग घायल हो गए।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर्स की टीम के अनुसार, अबान की मौत गंभीर दुर्घटनाजनित चोटों के कारण हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, डिवाइडर से टक्कर का प्रभाव इतना तेज था कि उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा दुर्घटना के झटके से आंतों को भी गंभीर क्षति पहुंची, जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, हादसे के समय कार में कुल पांच लोग सवार थे।
-मोहम्मद जैद (35) कार चला रहा था।
-उसके बगल वाली सीट पर अबान अहमद (21) बैठा था।
-पीछे की सीट पर सोनू (24) बैठा था।
-उसके साथ उमर अहमद (18) और फारुक अहजम (28) मौजूद थे।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त क्रेटा कार (UP70 FW2432) मोहम्मद जैद की है। बताया गया कि यह कार उसे शादी में मिली थी। जैद, अतीक अहमद की मौसेरी बहन का दामाद बताया जा रहा है। कार की तलाशी के दौरान पुलिस को 2 किताबें The Stationery Shop of Tehran' और 'The Idiot' के अलावा एक सिगरेट की डिब्बी भी मिली।
जानकारी के अनुसार, अबान अहमद को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की संभावना है। अंतिम संस्कार को देखते हुए कब्रिस्तान के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
अबान के अंतिम संस्कार को लेकर सबसे बड़ा सवाल उसकी मां शाइस्ता परवीन की मौजूदगी को लेकर बना हुआ है। शाइस्ता परवीन पिछले करीब सवा 3 साल से फरार है। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उत्तर प्रदेश पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। यूपी STF कई राज्यों में उसकी तलाश कर रही है। उसकी कई संपत्तियों की कुर्की भी की जा चुकी है। ऐसे में उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
अबान के जनाजे में उसके दो बड़े भाई उमर अहमद और अली अहमद भी शामिल नहीं हो पाएंगे। दोनों अलग-अलग जेलों की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद हैं, जिसके चलते वे अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकेंगे। ऐसे में परिवार की ओर से केवल चौथे नंबर के भाई अहजम के जनाजे में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रयागराज के चकिया इलाके के स्थानीय लोगों के मुताबिक, अतीक अहमद को लंबे समय से विदेशी नस्ल के कुत्ते पालने का शौक था। घर में कई महंगे डॉग्स रखे जाते थे, जिनकी देखभाल के लिए अलग व्यवस्था थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यही शौक अबान अहमद में भी आ गया था। जब अतीक जेल में था, तब अबान अक्सर इन कुत्तों के साथ समय बिताता था और उनकी देखभाल तथा खाने-पीने का भी ध्यान रखता था।
पुलिस की निगाह पूरे घटनाक्रम पर
पुलिस हादसे की जांच के साथ-साथ अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं और सुरक्षा पर भी नजर बनाए हुए है। वहीं, अबान के जनाजे में परिवार के किन-किन सदस्यों की मौजूदगी रहेगी, इस पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।