
Atiq Ahmed Son Aban Buried Kasari Masari Cemetery: माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान को शनिवार को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में भारी सुरक्षा के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अबान को उनके पिता अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में दफनाया गया। जनाजे में जेल में बंद अतीक के दो बेटे मोहम्मद उमर और अली अहमद भी शामिल हुए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से कस्टडी पैरोल मिलने के बाद उमर को लखनऊ जेल से तथा अली को झांसी जेल से प्रयागराज लाया गया था। दोनों भाइयों ने जनाजे को कंधा देते हुए फूट-फूट कर रोए। अबान के दफनाने के बाद परिजनों से मुलाकात भी हुई।
कब्रिस्तान में जनाजे के पहुंचने से पहले ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। अतीक के चौथे बेटे एहजम के पहुंचने पर भीड़ और उमड़ पड़ी। कई लोग बैरीकेटिंग तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर लोगों को बाहर खदेड़ना पड़ा।
कसारी-मसारी कब्रिस्तान से लेकर अतीक के चकिया स्थित पुश्तैनी आवास तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात रहा और आसपास के रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। पूरे घटनाक्रम के दौरान कसारी-मसारी और चकिया इलाके में पुलिस की भारी मौजूदगी बनी रही। आबान के अंतिम संस्कार ने स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।
कोर्ट की अनुमति के अनुसार दोनों भाई अपनी बुआ परवीन कुरैशी और भाई एहजम से भी मुलाकात करेंगे। हाईकोर्ट ने मीडिया से बातचीत पर रोक लगाई है, इसलिए जनाजे के दौरान उमर और अली ने कोई बयान नहीं दिया। आबान को दफ्न किए जाने के बाद दोनों भाइयों को कड़ी सुरक्षा के बीच संबंधित जेलों में वापस भेज दिया जाएगा।
गुरुवार की सुबह अबान अपने दोस्तों के साथ कार से अपने भाई अली से मिलने जा रहा था, जो झांसी जेल में बंद है। रास्ते में अचानक सामने आए एक जानवर से बचने की कोशिश में गाड़ी अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में अबान और उसके साथी सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन गंभीर रूप से घायल हो गए।