
Atiq Ahmed Son Aban Funeral Crowd Control: प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे अबान के जनाजे में भीड़ बेकाबू हो गई। अंतिम दर्शन के लिए करीब 5 से 7 हजार लोग पहुंचे। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने कब्रिस्तान में एंट्री रोक दी, लेकिन बैरिकेडिंग तोड़कर लोग आगे बढ़ गए। लखनऊ जेल से उमर को लेकर पुलिस के पहुंचते ही भीड़ उसे देखने के लिए टूट पड़ी। अफरा-तफरी मच गई, जिसे पुलिस ने किसी तरह काबू किया। अतीक अहमद के दोनों बेटे अली और उमर कसारी मसारी कब्रिस्तान पहुंच गए हैं। दोनों को पुलिस सुरक्षा के बीच अलग-अलग गाड़ियों से कब्रिस्तान के अंदर ले गए। चारों तरफ भारी संख्या में फोर्स तैनात है। इस्लाम धर्म के अनुसार, सुपुर्द-ए-खाक से पहले नमाज पढ़ी जाती है।
परिवार अबान के शव को हटवा गांव से अतीक के पुराने घर कसारी-मसारी थोड़ी देर के लिए ले जाना चाहता है, जबकि पुलिस गांव से सीधे कब्रिस्तान ले जाने पर अड़ी है। इसको लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। सीनियर अफसर परिवार से बातचीत कर रहे हैं।
रात 8 बजे तक अबान को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उसे पिता अतीक के बगल में दफनाया जाएगा। वहीं दादा फिरोज अहमद, चाचा अशरफ और भाई असद की भी कब्रें हैं। शनिवार सुबह साढ़े 9 बजे अतीक का दूसरा बेटा अली झांसी जेल से 30 पुलिसकर्मियों के साथ 400 किलोमीटर दूर प्रयागराज के लिए रवाना हो चुका है। उसके चेहरे को छिपाने के लिए वैन पर पर्दे डाल दिए गए हैं। थोड़ी देर में अली भी पहुंचने वाला है।
यह देखना यह होगा कि उनकी मां शाइस्ता परवीन जो 2023 से फरार हैं, सामने आएंगी या नहीं। वह अतीक और उनके बेटे असद की मौत के समय भी मौजूद नहीं थीं। पुलिस और प्रशासन भी इस बात पर कड़ी नजर रख रहे हैं कि क्या वह अपने सबसे छोटे बेटे को आखिरी बार देखने के लिए आएंगी। आपको बता दें कि शाइस्ता परवीन पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम रख रखा है। बीते तीन साल से पुलिस उसकी कई राज्यों में तलाशी कर रही है।
गुरुवार की सुबह अबान अपने दोस्तों के साथ कार से अपने भाई अली से मिलने जा रहा था, जो झांसी जेल में बंद है। रास्ते में अचानक सामने आए एक जानवर से बचने की कोशिश में गाड़ी अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में अबान और उसके साथी सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन गंभीर रूप से घायल हो गए।