प्रयागराज

शिष्य बोले- अविमुश्वरानंद को जान का खतरा, आसपास घूम रहे गुंडे, शिविर में CCTV लगवाए

Avimukteshwaranand controversy : शंकराचार्य के विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने कहा कि यह उनकी मजबूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य इस समय सड़क पर धरने पर बैठे हैं और यहां प्रशासन के साथ असामाजिक तत्व मौजूद हैं।
2 min read
Feature image
शिष्य बोले -अविमुक्तेश्वरानंद को जान का खतरा, PC- Patrika

प्रयागराज: माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच बीते छह दिनों से जारी विवाद और गहराता जा रहा है। इसी बीच सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने शिविर के अंदर और बाहर कुल 12 CCTV कैमरे लगवाए हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि मौजूदा हालात में यह कदम उनकी सुरक्षा के लिहाज से जरूरी हो गया था।

शंकराचार्य के विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने कहा कि यह उनकी मजबूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य इस समय सड़क पर धरने पर बैठे हैं और यहां प्रशासन के साथ असामाजिक तत्व मौजूद हैं। देवेंद्र पांडे का दावा है कि संत के वेश में कुछ लोग घूम रहे हैं, जिनसे शंकराचार्य की जान को खतरा है। उन्होंने कहा कि रात के समय कुछ लोग शिविर में आकर वीडियो बनाते हैं और पकड़े जाने पर खुद को नोटिस देने आया बताते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत अभी पूरी तरह ठीक नहीं है। शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें तेज बुखार हो गया था। रात में दवा लेने के बाद हालत कुछ स्थिर है, लेकिन डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक उन्हें आराम की जरूरत है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

इस पूरे विवाद पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि अविमुक्तेश्वरानंद अपने फैसले पर डटे हुए हैं और हर सनातनी उनके साथ खड़ा है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि इस विवाद से नकली सनातनियों की पोल खुल गई है और उनका शंकराचार्य से सीधा संपर्क बना हुआ है।

वहीं इससे पहले शुक्रवार को अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य की तारीफ करते हुए उन्हें समझदार नेता बताया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश को ऐसा मुख्यमंत्री चाहिए, जो यह समझे कि अफसरों से गलती हुई है। जो अकड़ में बैठा हो, वह मुख्यमंत्री बनने लायक नहीं है।

गौरतलब है कि गुरुवार को डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम करते हुए उनसे मौनी अमावस्या पर स्नान करने की अपील की थी।

मौनी अमावस्या पर कैसे शुरू हुआ विवाद

दरअसल, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान के लिए जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया और पैदल जाने को कहा। इस पर विरोध हुआ और शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। इस घटना से नाराज होकर शंकराचार्य शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए।

इसके बाद प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर अविमुक्तेश्वरानंद को दो नोटिस जारी किए। पहले नोटिस में उनके शंकराचार्य पद से जुड़े दस्तावेजों पर सवाल उठाए गए, जबकि दूसरे नोटिस में मौनी अमावस्या के दिन हुए हंगामे को लेकर जवाब मांगा गया। प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्हें माघ मेले से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है। हालांकि अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिसों का जवाब प्रशासन को भेज दिया है।

Updated on:
24 Jan 2026 08:13 pm
Published on:
24 Jan 2026 08:13 pm
Also Read
View All
हाईकोर्ट में कोडीन युक्त सिरप की सुनवाई: सिफारिश से नाराज जज ने खुद को मामले से किया अलग, बोले- काला दिन

क्लाइमेट चेंज का असर: ट्रफ लाइन दक्षिण की तरफ खिसका, प्रयागराज में 2, 3, 4, 5, 6 अगस्त को झमाझम बारिश

IMD Orange Alert: अगले तीन घंटे प्रयागराज, रायबरेली, उन्नाव सहित 14 जिलों में भारी बारिश, वज्रपात की चेतावनी

Prayagraj Violence: प्रयागराज हिंसा पर भड़के डिप्टी सीएम केशव मौर्य, बोले- छात्रों के भेष में सपा के गुंडों ने की तोड़फोड़, बख्शे नहीं जाएंगे

प्रयागराज: केशव प्रसाद मौर्य बोले- असदुद्दीन ओवैसी भी अखिलेश की तरह देख रहे हैं सपने, कांवर रुट पर नहीं बिकेगा मांस