
Maulana Tauqeer Raja bail plea rejected: बरेली हिंसा मामले में जेल में बंद मौलाना तौकीर रजा खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी दलीलों को अस्वीकार करते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की सिंगल बेंच ने यह आदेश दिया है। इसके पहले बरेली कोर्ट से भी तौकीर राजा की जमानत याचिका खारिज हो गई थी।
बरेली कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद तौकीर रजा ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मौलाना तौकीर रजा इस समय फतेहगढ़ जेल में बंद है। हाई कोर्ट ने तौकीर रजा को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया है। बता दें कि मौलाना तौकीर रजा इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल (IMC) का प्रमुख हैं।
उत्तर प्रदेश के बरेली हिंसा मामले में बारादरी थाना में मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जिनके खिलाफ बारादरी थाना में बीएनएस की धारा 121(1), 118(2), 109(1), 189(5), 195(1), 324(6) सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। दरअसल 26 सितंबर 2025 को बड़ी हिंसा हुई थी। इस मामले में कोतवाली, कैंट, प्रेम नगर, किला और प्रेम बारादरी थाने में भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
'आई लव मोहम्मद पोस्टर' को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद 26 सितंबर 2025 को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने मुस्लिम समुदाय से अपील की की जुम्मे के नमाज के बाद सभी लोग इस्लामिया ग्राउंड में इकट्ठा हो। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को भी चेतावनी दी थी कि यदि किसी ने रोकने का प्रयास किया तो अप्रिय घटना या दुर्घटना हो सकती है जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
तौकीर रजा की अपील का असर पड़ा और जुम्मे की नमाज के बाद बरेली के अलग-अलग क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग इस्लामिया ग्राउंड की तरफ आने लगे। जिसके कारण पूरे शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। दुकान के शटर गिर गए, कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला करना शुरू कर दिया, फायरिंग और पथराव की घटना हुई। लूटपाट और तोड़फोड़ भी की गई। शहर के अलग-अलग क्षेत्र से हिंसा, तोड़फोड़, मारपीट की घटनाएं आने लगी।
कानून व्यवस्था हाथ से निकलते देख जिला और पुलिस प्रशासन ने लाठी चार्ज का निर्णय लिया। कड़ी मशक्कत के बाद हिंसा पर काबू पाया गया। पुलिस की जांच में निकल कर सामने आया कि यह अचानक हुई घटना नहीं है। इसकी तैयारी कई महीने पहले से की जा रही थी। पुलिस की जांच में यह भी निकलकर सामने आया कि मौलाना तौकीर रजा 2010 की तरह बरेली को सांप्रदायिक आग में झोंकना चाहता था। इसका मकसद हिंदू मुस्लिम दंगा भड़काना था।
मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की और अलग-अलग थानों में गंभीर धाराओं में 10 मुकदमे दर्ज किए गए। 26 सितंबर 2025 को ही पुलिस ने मौलाना तौकीर राजा को गिरफ्तार कर बरेली के सेंट्रल जेल में बंद कर दिया। जिसे बाद में फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया। जो इस समय भी फतेहगढ़ जेल में ही बंद है।