प्रयागराज

प्रयागराज में बड़ा हादसा: 33 हजार वोल्टेज के चपेट में आए 15 लोग झुलसे, मोहर्रम जुलूस में मचा हड़कंप

15 लोग बुरी तरह से करंट के चपेट में आ गए। घायलों को अस्पताल भर्ती कराया गया है। सभी घायलों का इलाज जारी है। जानकारी मिलने पर एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित, विधायक संदीप पटेल, तहसीलदार मेजा गजराज सिंह आदि पहुंच गए। चिकित्सकों ने बताया कि झुलसे लोग खतरे से बाहर हैं।
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Updated: 10 Aug 2022, 12:22 AM IST
प्रयागराज में बड़ा हादसा: 33 हजार वोल्टेज के चपेट में आए 15 लोग झुलसे, मोहर्रम जुलूस में मचा हड़कंप
प्रयागराज में बड़ा हादसा: 33 हजार वोल्टेज के चपेट में आए 15 लोग झुलसे, मोहर्रम जुलूस में मचा हड़कंप

प्रयागराज: मोहर्रम जुलूस में शामिल दो दर्जन से अधिक लोग 33 वोल्टेज के चपेट में आ गए। जिसकी वजह से बुरी तरह स्व झुलस गए हैं। ताजिया जुलूस लेकर जा रहे तभी यह अनहोनी हो गई। मुस्लिम समुदाय के लोग जुलूस की शक्ल में ताजिया को चिलबिला स्थित कर्बला ले जा रहे थे तभी कनेवरा गांव में ताजिया 33 हजार वोल्टेज की लाइन के छू गया। ताजिया में करंट उतर आया जिससे लगभग दो दर्जन लोग झुलस गए। इसके बाद जुलूस में शामिल लोगों में अफरा तफरी मच गई और भगदड़ मच गया।

कुछ देर बाद जब स्थिति सामान्य हुई तो 15 लोग बुरी तरह से करंट के चपेट में आ गए। घायलों को अस्पताल भर्ती कराया गया है। सभी घायलों का इलाज जारी है। जानकारी मिलने पर एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित, विधायक संदीप पटेल, तहसीलदार मेजा गजराज सिंह आदि पहुंच गए। चिकित्सकों ने बताया कि झुलसे लोग खतरे से बाहर हैं। करंट के झटके से झुलसे लोगों में तालिब अली 25 वर्ष, इंद्रजीत पटेल 17 वर्ष, हिना बेगम 22 वर्ष, रेशमा बेगम 21, सरताज 18 वर्ष, तालीम 23 वर्ष, शहबाज 16 वर्ष, खुशबू बेगम 18 वर्ष, सुनील कुमार यादव 18 वर्ष, समर हुसैन 20 वर्ष, मोहम्मद सुहेल 15 वर्ष, सलमान अली 16 वर्ष, इरफान अली 16 वर्ष, मोहम्मद कैफ 18 वर्ष शामिल है। ये सभी कनेवरा गांव के हैं।

मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रयागराज डीएम संजय खात्री ने जांच टीम गठित कर दी है। बिजली का तार जमीन से 25 फीट की ऊंचाई पर है। ताजिया ले जाने में लापरवाही बरती गई है। फिलहाल इलाज की समुचित व्यवस्था करा दी गई है। सभी चपेट में आए घायल खतरे से बाहर हैं।

प्रतापगढ़ में मंदिर पुजारी ने किया विरोध

प्रतापगढ़ के एक मंदिर पुजारी ने ताजिया दफनाने को लेकर विरोध किया है। जानकारी मिलते ही प्रतापगढ़ प्रशासन एक्सशन लेते हुए तत्काल से वर्षों की परंपरा को पूरा कराने के लिए आगे आ गया। जानकारी मिली है कि तालाब के बगल ही एक आश्रम है। वहां पर बाबा जगराम दास पुजारी हैं। पुजारी तालाब के किनारे ताजिया दफन को लेकर विरोध कर रहे थे। वह दूसरे स्थान पर दफन करने की बात कहते हुए इस पर रोक लगाने की बात कही। ताजिया लेकर पहुंचे मुस्लिम पक्ष के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थानाध्यक्ष ने मौके पर जाकर जगराम दास को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। तब ताजिया का दफन किया गया।

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