प्रयागराज

काशी विश्वेश्वर नाथ मंदिर मस्जिद विवाद को लेकर कोर्ट ने जताई गहरी नाराजगी, जाने वजह

यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने अंजुमन इंतजामिया मस्जिद वाराणसी की तीन व यूं पी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की दो याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार के याचिका में पक्षकार होने के बावजूद कोई वरिष्ठ अधिवक्ता पक्ष रखने कोर्ट में पेश न होने पर नाराजगी जताई है और कहा कि राज्य सरकार की तरफ से दो स्थाई अधिवक्ताओं के अलावा कोई सीनियर अधिवक्ता नहीं आया।

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काशी विश्वेश्वर नाथ मंदिर मस्जिद विवाद को लेकर कोर्ट ने जताई गहरी नाराजगी, जाने वजह

प्रयागराज: काशी विश्वेश्वर नाथ मंदिर मस्जिद विवाद को लेकर दाखिल याचिकाओं की अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी। समय की कमी के कारण आज बहस पूरी नहीं हो सकी। विपक्षियों की तरफ से जवाबी हलफनामे दाखिल किए गए। याची अधिवक्ता ने प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने का समय मांगा। कोर्ट ने समय देते हुए मंदिर परिसर के सर्वे कराने के अधीनस्थ अदालत के आदेश पर लगी रोक 300अप्रैल तक बढ़ा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने अंजुमन इंतजामिया मस्जिद वाराणसी की तीन व यूं पी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की दो याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए दिया है।

कोर्ट ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार के याचिका में पक्षकार होने के बावजूद कोई वरिष्ठ अधिवक्ता पक्ष रखने कोर्ट में पेश न होने पर नाराजगी जताई है और कहा कि राज्य सरकार की तरफ से दो स्थाई अधिवक्ताओं के अलावा कोई सीनियर अधिवक्ता नहीं आया। केंद्र सरकार की तरफ से कोई मौजूद नहीं है।

कोर्ट ने कहा केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से किसी वरिष्ठ अधिवक्ता का न आना दुर्भाग्यपूर्ण है।
याची के वरिष्ठ अधिवक्ता एस एफ ए नकबी ने लिखित बहस दाखिल की।अगली सुनवाई 4अप्रैल को होगी।

यह भी पढ़ें: इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज होगी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मोर्या की डिग्री मामले की सुनवाई, जानिए पूरा मामला डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या में मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में एसीजेएम प्रयागराज के 4 सितंबर 21 के आदेश को चुनौती दी गई है।

Published on:
30 Mar 2022 01:25 pm
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