महाकुंभ की समाप्ति को अब कुछ ही दिन बचे हैं। शहर में लगातार लग रहे जाम और वाहनों की लंबी कतार से लोग परेशान हो रहे हैं। शहर के थोक और फुटकर व्यापारी भी माल न मिलने से परेशान हैं।
प्रयागराज में आयोजित हुए महाकुंभ की वजह से शहर के रहने वाले लोगों की समस्याएं कुछ हद तक बढ़ गई हैं। लोगों को आए दिन जाम की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि शहरवासी श्रद्धालुओं से प्रयागराज ना आने की अपील कर रहे हैं।
प्रयागराज के लोकल लोगों की सबसे बड़ी समस्या बन गया है जाम। शहर की स्थिति ये है कि लगभग सभी प्रमुख सड़कों पर जाम लग रहा है। इसके साथ ही कई रास्ते प्रतिबंधित भी कर दिए गए हैं। ऐसे में उन इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दूरी तक जाने के लिए भी घूम कर जाना पड़ रहा है। प्रयागराज के निवासी अरुण ने बताया कि वो कई दिनों से घर से बाहर सिर्फ इसलिए नहीं निकले हैं कि उनकी कार एक बार शहर के मुख्य मार्ग पर जाएगी तो उनको दोबारा घर की ओर आने में जद्दोजहत करनी पड़ेगी।
महाकुंभ के आयोजन के बीच स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ा। स्कूलों में कई दिनों तक अवकाश रहा और अगर स्कूल खुले भी तो बच्चों को घंटों सड़कों पर बिताने पड़े। स्कूल बंद होने से शिक्षा पर भी असर पड़ रहा है।
बिल्डिंग मैटेरियल के थोक व्यापारी विकास बताते हैं कि महाकुंभ के कारण बड़ी गाड़ियों का शहर में प्रवेश नहीं हो पा रहा है। इस कारण से उनके पास अब स्टॉक नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि सामान की कमी के कारण उनका बिजनेस प्रभावित हो रहा है। किराना के थोक व्यापारी शुभम केसरवानी ने बताया कि उनको सामान मिलने में समस्या हो रही है। ना सिर्फ सामान का अभाव है बल्कि दामों में भी इजाफा हो गया है। रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामान का स्टॉक भी अब खत्म हो रहा है जिससे उनके व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
शहर में जाम का आलम ये है कि अब शहरवासी बाहर से आने वाले लोगों से महाकुंभ में ना आने की अपील करते हुए दिखाई दे रहे हैं। आपको बता दें कि आखिरी स्नान अब 26 फरवरी को होना है। इसके साथ ही मेले का समापन भी हो जाएगा।