प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी मंत्री नंद गोपाल नंदी की पत्नी अब पति के खिलाफ ही निर्दलीय प्रत्याशी बन गई हैं। बुधवार को सभी उम्‍मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच की गई। इसके बाद प्रत्‍याशियों को अपने पर्चे वापस लेने का भी समय दिया गया। अगर पर्चे में महापौर अभिलाषा गुप्‍ता नंदी मैदान में बनी रहेंगी तो इलाहाबाद शहर दक्षिणी का मुकाबला रोचक बन जाएगा। यह लड़ाई अब भाजपा मंत्री नंदी और उनके पत्नी अभिलाषा से होगी।
प्रयागराज: उत्त्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। सभी पार्टियों के प्रत्याशियों ने भी नामांकन कर दिया है। लेकिन प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी मंत्री नंद गोपाल नंदी की पत्नी अब पति के खिलाफ ही निर्दलीय प्रत्याशी बन गई हैं। बुधवार को सभी उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच की गई। इसके बाद प्रत्याशियों को अपने पर्चे वापस लेने का भी समय दिया गया। अगर पर्चे में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी मैदान में बनी रहेंगी तो इलाहाबाद शहर दक्षिणी का मुकाबला रोचक बन जाएगा। यह लड़ाई अब भाजपा मंत्री नंदी और उनके पत्नी अभिलाषा से होगी।
अपनी पत्नी को लकी मानते हैं मंत्री
प्रयागराज इलाहाबाद शहर दक्षिणी विधान सभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी नंद गोपाल गुप्त नंदी अपनी पत्नी अभिलाषा गुप्ता को लकी मानते हैं नामांकन को लेकर स्पष्ट किया कि वह पत्नी के नामांकन को शुभ मानते हैं। जब-जब वह चुनाव मैदान में नामांकन करते हैं तो पत्नी अभिलाषा भी अपना पर्चा दाखिल करती हैं। ऐसा करना उनके लिए शुभ होता है। बाद में वह अपना पर्चा वापस भी ले लेती हैं। जिसकी वजह से पत्नी ने नामांकन किया है।
शिवसेना से लड़ेंगी आरती कोल
प्रयागराज के यमुनापार की कोरांव विधान सभा सीट से भाजपा ने फिर से दावेदार में उलटफेर करने से दावेदारों में आक्रोश है। भाजपा के वर्तमान विधायक राजमणि कोल का टिकट काट कर चुनाव मैदान में आरती कोल को प्रत्याशी बनाने की घोषणा की थी।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने 24 घंटे के बाद ही पार्टी ने अपना फैसला बदलते हुए वर्तमान विधायक राजमणि कोल को टिकट देने की घोषणा कर दी। उधर पर्चा भरने की पूरी तैयारी कर चुकीं आरती कोल ने अपने पांव पीछे खींचने से साफ इंकार कर दिया। कहा कि यदि पार्टी साथ नहीं देगी तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगी।
इसके बाद नामांकन के कुछ घंटे पहले ही शिवसेना की तरफ से उन्हें पार्टी प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव मिला, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकर कर लिया। मंगलवार को शिवसेना की तरफ से पर्चा भरकर वह चुनाव मैदान में उतरीं। अब वह राजमणि कोल को टक्कर देंगी।