Magh Mela 2026: माघ मेला 2026 का शुभारंभ पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व से हो गया है। संगम क्षेत्र में भोर से ही कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया।
Magh Mela 2026 Prayagraj : माघ मेला 2026 की शुरुआत आज से हो गई है। आज पौष पूर्णिमा है, जो मेले का पहला मुख्य स्नान पर्व है। प्रयागराज के संगम क्षेत्र में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। कड़ाके की ठंड के बावजूद आस्था इतनी प्रबल है कि लोग भोर तीन बजे से ही गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगा रहे हैं। संगम के हर घाट पर स्नान का सिलसिला चल रहा है। कल्पवासी भी बड़ी संख्या में पहुंच चुके हैं। ये कल्पवासी पूरे माघ मास में संगम तट पर रहकर कठोर व्रत रखते हैं – दिन में एक बार सात्विक भोजन, जमीन पर सोना और रोज स्नान। मान्यता है कि ऐसा करने से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि आज 25 से 30 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर सकते हैं। भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बड़े इंतजाम किए गए हैं। हर घाट पर अधिकारी और पुलिस तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरे, पंटून पुल और पार्किंग की व्यवस्था पूरी है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि सब कुछ सुचारु रूप से चल रहा है। श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के स्नान कर रहे हैं और आ-जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं, लेकिन कोई दिक्कत नहीं हो रही।
माघ मेला 44 दिनों तक चलेगा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर समाप्त होगा। इस दौरान छह मुख्य स्नान पर्व हैं- आज पौष पूर्णिमा के अलावा मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि। संगम पर आस्था का यह महासंगम देखते ही बनता है। ठंडी हवाओं में गूंजते भजन, नदी में डुबकी लगाते भक्त और तंबुओं की नगरी – सब मिलकर एक दिव्य माहौल बना रहे हैं। माघ मेले में स्नान-दान और तपस्या से जीवन को पुण्य और शांति मिलती है। यह पर्व बताता है कि सच्ची आस्था हर मुश्किल पर भारी पड़ती है।