पुलिस ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के Mahant Narendra Giri के लिखे सुसाइड नोट को बरामद कर लिया है
प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। महंत नरेंद्र गिरी ने आत्महत्या करने से पहले छह पन्नों का सुसाइड नोट लिखा है। महंत के लिखे सुसाइड नोट पुलिस ने बरामद कर लिया है। मामले में फोरेंसिक की टीम गहराई से जांच में जुटी है। मौके पर आईजी, एसएसपी सहित कई आला अधिकारी जांच में जुटे है।
आईजी जोन कवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शाम लगभग 5:30 पर महंत की मौत की खबर जानकारी मिकी। मौके पर पुलिस की टीम पहुंचकर जांच में जुटी है। महंत ने छह पन्नों के सुसाइड नोट में बाघम्बरी गद्दी का जिक्र किया है। इसके साथ उन्होंने ने कुछ शिष्यों से दुःखी होने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि गद्दी के कुछ शिष्यों का ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही कुछ शिष्यों से लगातार वह बहुत दुःखी थे। उनके भी बारे में सुसाइड नोट में जिक्र किया है। इस पूरे मामले में जांच होने के बाद ही पूरी जानकारी दी जाएगी।
संतों में दुख की लहर
बाघम्बरी गद्दी में संतों जमावड़ा लग गया है। अभी महंत नरेंद्र गिरी का मौत का करण पता नही लगा है। अखाड़ा परिषद उपाध्यक्ष ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी के मौत का कारण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस पूरे मामले में सीबीआई जांच होनी चाहिए।
छह पन्नों का लिखा सुसाइड नोट
महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या करने से पहले नरेंद्र गिरी ने छह पन्नों का सुसाइड नोट लिखा है। उस सुसाइड नोट में ही महंत ने सारी बातें लिखी है। सुसाइड नोट के जांच के बाद ही कई सारे राज सामने निकलकर सामने आएगा। महंत मौत का कारण साफ नही हो पाएगा।