मकान ध्वस्तीकरण मामले में अगले हफ्ते इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई की जाएगी। यह याचिका जावेद की पत्नी परवीन फातिमा ने दाखिल की है। उसने अवैध तरीके से मकान तोड़ने की शिकायत कर दोबारा मकान बनने तक रहने के लिए सरकारी आवास मुहैया कराने की मांग की है। मास्टरमाइंड जावेद पंप की पत्नी फातिमा ने दाखिल याचिका में कहा गया है कि ध्वस्त किया गया मकान उसके नाम था। उस मकान को उसले पिता ने गिफ्ट किया था।
प्रयागराज: 10 जून को हुए प्रयागराज में हुए बवाल का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंच गया है। बवाल में शामिल मास्टरमाइंड जावेद पंप के मकान ध्वस्तीकरण मामले में अगले हफ्ते इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई की जाएगी। यह याचिका जावेद की पत्नी परवीन फातिमा ने दाखिल की है। उसने अवैध तरीके से मकान तोड़ने की शिकायत कर दोबारा मकान बनने तक रहने के लिए सरकारी आवास मुहैया कराने की मांग की है।
याचिका में कई गई है यह बातें
मास्टरमाइंड जावेद पंप की पत्नी फातिमा ने दाखिल याचिका में कहा गया है कि ध्वस्त किया गया मकान उसके नाम था। उस मकान को उसले पिता ने गिफ्ट किया था। नगर निगम के साथ राजस्व के सभी दस्तावेज याची के नाम है। फिर भी मकान को मेरे नाम नोटिस न करके पति के नाम क्यों नोटिस देकर मकान गिराया गया। मेरे द्वारा किसी भी तरह का गुनाह नहीं किया गया है। बिना पक्ष जाने बगैर मकान का ध्वस्तीकरण कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में याची ने याचिका में जानकारी दी है कि उसका घर जमींदोज होने से वह और उसका परिवार दूसरे के घरों में रहने को मजबूर है। इसलिए ग्रीष्मावकाश के दौरान याचिका की सुनवाई की जाए। इस वजह से संभावना जताई जा रही है कि मामले की सुनवाई अगले हफ्ते हो सकती है। याची को इलाहाबाद हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद बनी है और लगातार अन्याय होने की बात कह रही है।