
UP News: यूपी रोडवेज यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब यदि चलती बस में किसी कारण से आग लगती है तो उसे बुझाने के लिए चालक या परिचालक के हस्तक्षेप का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बस में लगा अत्याधुनिक सिस्टम खुद ही सक्रिय होकर आग पर काबू पाने का काम करेगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) ने बसों में ऑटोमेटिक वाटर मिस्ट फायर सप्रेशन सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
यह आधुनिक तकनीक पूरी तरह सेंसर आधारित है। बस में लगे विशेष हीट और स्मोक डिटेक्टर किसी भी असामान्य स्थिति को तुरंत पहचान लेंगे। अगर तापमान 68 से 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है या आग की शुरुआती चिंगारी और धुएं का संकेत मिलता है, तो सिस्टम स्वतः सक्रिय हो जाएगा। इसके लिए किसी व्यक्ति द्वारा अलग से कोई बटन दबाने की आवश्यकता नहीं होगी।
सिस्टम के सक्रिय होते ही माइक्रोन आकार की बेहद बारीक पानी की बूंदें तेजी से प्रभावित हिस्से में छोड़ी जाएंगी। इस पानी में विशेष केमिकल भी मिलाए जाएंगे, जो आग को फैलने से रोकने में मदद करेंगे। पानी की फुहार तापमान को तेजी से कम कर देगी, जिससे आग की तीव्रता घट जाएगी और उसे शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बारीक पानीकी बूंदें भाप में बदल जाती हैं, जिससे प्रभावित स्थान पर ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। ऑक्सीजन की कमी के कारण आग को फैलने के लिए जरूरी वातावरण नहीं मिल पाता और आग स्वतः बुझ जाती है। यही वजह है कि इस तकनीक को तेज और प्रभावी माना जाता है।
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, इस नई तकनीक का ट्रायल फिलहाल कानपुर क्षेत्र की कुछ बसों में किया जा रहा है। शुरुआती स्तर पर इसके परिणाम संतोषजनक बताए जा रहे हैं। परीक्षण सफल रहने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से प्रयागराज समेत प्रदेश के सभी रीजन की बसों में लागू किया जाएगा।
रोडवेज अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक के लागू होने के बाद बसों में आग लगने की घटनाओं से होने वाले बड़े हादसों को काफी हद तक रोका जा सकेगा। इससे यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा दोनों बढ़ेंगे। आने वाले समय में यह तकनीक रोडवेज की सभी बसों का अहम हिस्सा बन सकती है।