इलाहाबाद के फूलपुर में हुआ इनकाउंटर, एक इंस्पेक्टर को भी लगी गोली।
इलाहाबाद. यूपी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चंबल के कुख्यात उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मोस्ट वांटेड और 80 हजार रुपये के इनामी बदमाश महेन्द्र पासी उर्फ धूनी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस को उसके इलाहाबाद के फूलपुर में होने की सूचना मिली। इसके बाद उसे इनकाउंटर के दौरान मार गिराया गया। धूनी के साथ करीब एक घंटे तक पुलिस की मुठभेड़ चली, जिसमें एक इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए, गोली उनके कंधे में लगी। उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया गया। मुठभेड़ के दौरान जहां धूनी मारा गया वहीं उसका साथी फरार होने में कामयाब रहा। उसकी तलाश में देर रात तक पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी रहा।
एसएसपी नितिन तिवारी के मुताबिक पुलिस को किसी शातिर अपराधी के फूलपुर क्षेत्र में होने की खबर मिली थी। ऐसा बताया गया कि वह किसी अपहरण की वारदात को अंजाम देने की फिराक में आए हैं। इसी के आधार पर फूलपुर इंस्पेक्टर संजय राय के नेतृत्व में पुलिस मौके पर रवाना हुई। बदमाशों की लोकेशन मिलते ही पुलिस टीम वहां पहुंची।
लोकेशन के हिसाब से इफको के बगल में पूरी घेराबंदी कर ली गयी। पुलिस के मुताबिक बदमाशों को जब इसका एहसास हुआ तो उन्होंने पुलस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में धूनी ढेर हो गया जबकि उसका साथी वहां से फरार होने में कामयाब रहा। इस इनकाउंटर में एक गोली इंस्पेक्टर संजय राय को भी लगी, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के मुताबिक महेन्द्र पासी उर्फ धूनी चित्रकूट के चम्बल के कुख्यात गोप्पा गैंग का सरगना था। सालों से गोप्पा गैंग की कमान महेन्द्र पासी के हाथों में थी। वह खूंखार दस्यु सरगना रामगोपाल यादव का बेहद करीबी भी था।
पुलिस के मुताबिक वह फूलपुर में किसी अपहरण की घटना को अंजाम देने के लिये रुका हुआ था। वह सफल हो पाता तब तक पुलिस को खबर लग गई और उसके बाद मुठभेड़ हुई। इनकाउंटर के बाद पुलिस को मौके से कई हथियार मिले हैं, जिनमें कुछ राइफल और कुछ दूसरे असलहे शामिल हैं। बदमाश की 220 सीसी की पल्सर बाइक को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। एसपी नितिन तिवारी के मुताबिक महेन्द्र उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बना हुआ था। दोनों प्रदेशों की पुलिस को इसकी तलाश थी।
By Prasoon Pandey