Chief Minister in Prayagraj: प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेशन फर्स्ट हमारी प्राथमिकता है और यह सेना की सांसों में बसता है। मुख्यमंत्री नॉर्थ टेक सिंपोजियम 2026 में भाग लेने के लिए आए थे।
Chief Minister in Prayagraj: प्रयागराज में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार कोई निर्णय लेती है तो उसे प्रभावी ढंग से जमीनी धरातल पर उतरने में देर नहीं लगती है क्योंकि सरकार के निर्णय में बाहरी तत्व गुंडा माफियाओं का हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। उसे पता है कि इसका दुष्परिणाम क्या होगा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज के नॉट टेक सिंपोजियम 2026 के कार्यक्रम के समापन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के कारण ही आज उत्तर प्रदेश के हर सेक्टर में अच्छे निवेशक आ रहे हैं। भारत ने संपूर्ण धरा को एक परिवार के रूप में जोड़ने और उसके प्रति उदार भाव रखने की प्रेरणा दी है। यही उदारता हमारा संस्कार और करुणा स्वभाव है। लेकिन हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि जो सुरक्षित है, वही समृद्धि है। रक्षा के लिए शक्ति और समर्थ दोनों होना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रीय कवि दिनकर की कविता का उदाहरण दिया।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 6 स्ट्रेटजी नोट्स डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने हो रहा हैं, जिसके बेहतरीन परिणाम भी आएंगे। लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, चित्रकूट, अलीगढ़ में 35 हजार करोड़ से अधिक का निवेश जमीनी धरातल पर उतर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युद्ध गोलियों से नहीं, बल्कि सिग्नल से लड़ी जा रही है। हम पहले हर क्षेत्र में दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था। आज हम हर क्षेत्र में निर्भर हो रहे हैं। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में निर्यात 600 करोड़ रुपए के आसपास था। आज हम 38 हजार करोड़ रुपए से 50 हजार करोड़ रुपए के रक्षा उत्पादों को निर्यात करने की क्षमता रखते हैं। कानून व्यवस्था में सुधार के कारण आज रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ रहा है। "नेशन फर्स्ट" हमारे लिए केवल नारा नहीं है, बल्कि हर भारतीय के जीवन का मंत्र है। उन्होंने भारतीय सेना की जमकर तारीफ की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की समृद्धि के लिए समर्थ सदैव अनिवार्य होता है और समृद्धि के लिए केवल संसाधन नहीं बल्कि सुरक्षा और स्थिरता का मजबूत आधार आवश्यक है। आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर ड्रोन के सेंटर आफ एक्सीलेंस को विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश में 21000 से अधिक स्टार्टअप अलग-अलग सेक्टर में स्थापित किए गए हैं।