प्रयागराज के एयरपोर्ट क्षेत्र के पास इंगुआ उर्फ काठगांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां खेत में बने छप्पर में आग लगने से 5 साल की बच्ची सोना की मौत हो गई।
Prayagraj News: प्रयागराज के एयरपोर्ट क्षेत्र के पास स्थित इंगुआ उर्फ काठगांव में गुरुवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में बने एक छोटे से छप्पर में आग लगने से 5 साल की बच्ची सोना जिंदा जलकर मर गई। इस हादसे में परिवार का पूरा घर जलकर राख हो गया और दो बकरियों की भी मौत हो गई। राम सिंह रैदास अपनी पत्नी सीमा और पांच बच्चों के साथ गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में रहते हैं। उनका घर घास-फूस और प्लास्टिक की शीटों से बना एक साधारण छप्परनुमा घर था। परिवार बहुत गरीब है और खेत में मजदूरी करके गुजारा करता है।
गुरुवार को राम सिंह और उनकी पत्नी सीमा खेत में गेहूं की फसल का बोझ बांधने गए थे। घर पर उनके पांच बच्चे अकेले थे। दोपहर के समय बच्चे छप्पर में खेल रहे थे और आराम कर रहे थे। दोपहर करीब तीन बजे अचानक छप्पर में आग लग गई। आग तेजी से फैलने लगी। तीन बच्चे किसी तरह बाहर निकल आए। सबसे बड़ी बेटी शिवानी ने अपने एक साल के छोटे भाई अरुण को गोद में उठाकर बाहर निकाला। लेकिन ५ साल की सोना उस वक्त अंदर सो रही थी। वह आग की लपटों से बाहर नहीं निकल पाई।
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के गांव वाले भागते हुए मौके पर पहुंचे। उन्होंने आग बुझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वहां पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जब आग बुझी तो छप्पर के अंदर सोना की झुलसी हुई लाश पड़ी मिली। इस हादसे में परिवार का सारा सामान, बर्तन, कपड़े और जरूरी चीजें जलकर खाक हो गईं। छप्पर में बंधी हुई दो बकरियां भी जलकर मर गईं। एक भैंस आग से झुलस गई। माता-पिता जब खेत से लौटे और इस घटना की खबर सुनी तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वे अपने बच्ची की लाश देखकर बेहाल हो गए।
एयरपोर्ट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सोना का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। राजस्व विभाग की टीम ने भी पहुंचकर परिवार के नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार आग लगने का कारण अभी साफ नहीं है। शुरुआती जांच में संभावना जताई जा रही है कि चूल्हे से निकली चिंगारी से आग लगी होगी। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।