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गर्लफ्रेंड का शव लेकर कब्रिस्तान पहुंचा प्रेमी , पति ने मचाया बवाल, आईडी न होने पर रुका अंतिम संस्कार

झांसी में मणिपुर की रहने वाली 30 वर्षीय महिला टेरेसा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शव को दफनाने ले जाने पर पहचान पत्र न होने से विवाद हुआ।
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झांसी

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Anuj Singh

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Updated: 17 Apr 2026, 7:30 AM IST

मसाज पार्लर कर्मचारी की मौत के बाद कब्रिस्तान में बवाल

मसाज पार्लर कर्मचारी की मौत के बाद कब्रिस्तान में बवाल

Jhansi Crime News: झांसी में एक मसाज पार्लर में काम करने वाली मणिपुर की रहने वाली 30 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत के बाद गुरुवार को कब्रिस्तान में दोनों पक्षों के बीच जोरदार हंगामा हो गया। शव को दफनाने ले जाने पर विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

शादी और झांसी आना

मृतका का नाम सिम्मी उर्फ टेरेसा था। उसकी शादी करीब 10 साल पहले जॉन नाम के व्यक्ति से हुई थी। दोनों शादी के बाद दिल्ली में रहते थे। नवंबर 2025 में टेरेसा झांसी आ गई और सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के नंदनपुरा के पास एक मसाज पार्लर में काम करने लगी। पार्लर में काम करते समय उसकी एक महिला सहकर्मी से दोस्ती हो गई। टेरेसा उसी सहकर्मी के घर रहने लगी। इसी दौरान सहकर्मी के भाई से उसकी नजदीकियां बढ़ गईं और दोनों सहमति से साथ रहने लगे।

बीमारी और मौत

सहकर्मी के अनुसार, टेरेसा पिछले 10 दिनों से बीमार थी। उसका इलाज भी चल रहा था। बुधवार शाम करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना उसके परिजनों को तुरंत दे दी गई थी। मृतका का प्रेमी शव को दफनाने के लिए जीवनशाह स्थित कब्रिस्तान ले गया। लेकिन उसके पास पहचान पत्र नहीं होने के कारण कब्रिस्तान के कर्मचारियों ने शव दफनाने से मना कर दिया। इसी बीच मृतका का पति जॉन अपने परिचितों के साथ मौके पर पहुंच गया। पति ने मौत के कारणों पर संदेह जताया और हंगामा शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में तेज विवाद हो गया। सूचना मिलने पर नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और शव को अपने कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पति पक्ष का आरोप

जॉन के दोस्त ने बताया कि उन्हें दिल्ली से सूचना मिली तो वह झांसी पहुंचे। रास्ते में कई बार फोन करके शव दफनाने की बात कही गई, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। अमन सिंह का कहना है कि जॉन क्रिश्चियन है, इसलिए शव को चर्च ले जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर वे समय पर नहीं पहुंचते तो शव को चुपचाप दफना दिया जाता। उन्होंने मांग की है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की असली वजह सामने लाई जाए।

दो कब्रिस्तानों में इंकार

जीवनशाह कब्रिस्तान के सदस्य मोहम्मद इमरान खान ने बताया कि चौकीदार ने बिना पहचान पत्र के शव लाए जाने की सूचना दी थी। इसलिए दफनाने से मना कर दिया गया। बाद में शव को कानपुर चुंगी स्थित दूसरे कब्रिस्तान ले जाया गया, लेकिन वहां भी दफनाने की अनुमति नहीं मिली। अंत में शव को वापस लाया गया, जहां पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि पति और परिजनों ने मौत के कारणों पर संदेह जताया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सच्चाई सामने आएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।