प्रयागराज

करोड़पति परिवार में हुई 4 हत्याओं के केस में बड़ा खुलासा! डेढ़ करोड़ रुपए के गहनों के बंटवारे को लेकर हुआ था विवाद, प्रयागराज का मामला

Millionaire Family Murder Case Update Prayagraj: करोड़पति परिवार में हुई 4 हत्याओं के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पढ़िए मामले में क्या अपडेट सामने आया है।

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करोड़पति परिवार हत्याकांड का खुलासा, फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Millionaire Family Murder Case Update Prayagraj: प्रयागराज केसाउथ मलाका इलाके में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक की हत्या के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच के अनुसार, पूरे परिवार की हत्या की साजिश खुद बेटे अभिषेक ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर रची थी। वारदात के बाद डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के गहनों की लूट की गई, लेकिन बाद में गहनों के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी विवाद में दोस्त ने अभिषेक की भी हत्या कर दी और गहने लेकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

प्रॉपर्टी से बेदखल किए जाने की आशंका बनी हत्या की वजह

पुलिसजांच में सामने आया है कि कारोबारी वीरेंद्र वैश्य अपने बड़े बेटे अभिषेक को संपत्ति से बेदखल करने की तैयारी कर रहे थे। इस बात से अभिषेक काफी नाराज था और परिवार के खिलाफ उसके मन में गहरी नाराजगी थी। पुलिस का मानना है कि इसी कारण उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म करने की योजना बनाई।

चारों के शव घर में अलग-अलग जगह मिले

मंगलवार को वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65), बेटी मीनाक्षी (45) और बेटे अभिषेक (40) के शव खून से लथपथ हालत में बरामद हुए थे। सभी की सिर कूचकर हत्या की गई थी।

वीरेंद्र और उनकी पत्नी का शव एक कमरे में मिला, जबकि बेटी मीनाक्षी का शव दूसरे कमरे में पड़ा था। अभिषेक का शव मकान के निचले हिस्से में मिला। कारोबारी दंपती के शव के पास एक गत्ता रखा मिला, जिस पर लाल पेन से लिखा था— “बंटी, बबली और बहू ने मारा।” पुलिस का मानना है कि यह संदेश जांच को गुमराह करने के उद्देश्य से लिखा गया था।

करोड़ों की संपत्ति और सफल कारोबार का मालिक था परिवार

वीरेंद्र कुमार वैश्य का गिफ्ट आइटम का बड़ा कारोबार था। हीवेट रोड चौराहे पर उनका करीब 8 हजार वर्गफुट में बना दो मंजिला मकान है, जिसकी कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

मकान के निचले हिस्से में 14 दुकानें बनी हुई हैं, जिनमें से 13 किराए पर दी गई थीं। एक दुकान उनकी बेटी मीनाक्षी चलाती थीं, जहां गिफ्ट से जुड़े सामान की बिक्री होती थी। वीरेंद्र वैश्य भी अक्सर इसी दुकान पर बैठते थे।

बड़े बेटे अभिषेक के व्यवहार से परेशान था परिवार

अभिषेक पेस्टीसाइड और फ्लोर क्लीनिंग सॉल्यूशन का कारोबार करता था। अभिषेक और मीनाक्षी दोनों अविवाहित थे। परिवार और पड़ोसियों के अनुसार, अभिषेक की संगत और गतिविधियों को लेकर घर में अक्सर विवाद होता रहता था जानकारी के मुताबिक, अभिषेक ने कुछ लोगों से लाखों रुपये उधार लिए थे। रकम न लौटाने पर उसकी पिटाई भी हुई थी और कथित तौर पर उसे अगवा कर लिया गया था। बाद में बहन मीनाक्षी ने पैसे देकर उसे छुड़ाया था। इस घटना के बाद भी परिवार में विवाद बढ़ गया था और पिता उससे बेहद नाराज रहने लगे थे।

पहले पिता, फिर मां और बहन की हत्या

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिषेक और उसके दोस्त ने मिलकर सबसे पहले वीरेंद्र वैश्य की हत्या की। इसके बाद मां अनीता और बहन मीनाक्षी को मौत के घाट उतार दिया गया। तीनों की हत्या के बाद घर में रखे कीमती गहने और जेवरात लूट लिए गए। वारदात के बाद दोनों ने शवों को रजाई और कंबल से ढक दिया, ताकि बदबू बाहर न फैले और घटना का खुलासा देर से हो सके।

खून के निशान मिटाने की भी की गई कोशिश

हत्या के बाद आरोपियों ने घर में मौजूद खून के धब्बों को साफ करने का प्रयास किया। इसके लिए पानी और फ्लोर क्लीनर का इस्तेमाल किया गया। बाद में फर्श पर तेल भी डाला गया ताकि सबूत पूरी तरह मिटाए जा सकें।

गहनों के बंटवारे पर हुआ विवाद, दोस्त ने अभिषेक को मार डाला

पुलिस जांच में सामने आया है कि परिवार की हत्या और गहनों की लूट के बाद दोनों आरोपी अभिषेक की दुकान पर पहुंचे थे। यहीं गहनों के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोस्त ने लोहे की रॉड से अभिषेक के सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह गहने लेकर फरार हो गया।

बदबू आने पर खुला चार हत्याओं का राज

मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे घर से तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि ऊपरी मंजिल का गेट बाहर से बंद था। ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर एक कमरे में कारोबारी दंपती और दूसरे कमरे में बेटी मीनाक्षी का शव मिला। जांच के दौरान पुलिस ने नीचे की दुकानों की भी तलाशी ली। एक दुकान बाहर से बंद थी। जब उसका ताला तोड़ा गया तो अंदर अभिषेक का शव बरामद हुआ। शव कई दिन पुराना होने के कारण बुरी तरह फूल चुका था।

छोटा बेटा पहले से जेल में बंद

परिवार का छोटा बेटा अश्विनी पहले से कौशांबी जेल में बंद है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसने कीडगंज निवासी रितु से प्रेम विवाह किया था। दोनों पर मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों से ठगी करने के आरोप हैं। बताया जाता है कि अश्विनी ने खुद को हैदराबाद के एक जज का बेटा बताकर एक युवती से करीब नौ लाख रुपये की ठगी की थी। इस मामले में दोनों को वर्ष 2023 में जेल भेजा गया था। बाद में रितु को जमानत मिल गई, जबकि अश्विनी अब भी जेल में बंद है।

अश्विनी को पहले ही संपत्ति से कर दिया गया था बेदखल

पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, अश्विनी की गतिविधियों से परेशान होकर वीरेंद्र वैश्य ने उसे काफी पहले अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था और उससे सभी रिश्ते समाप्त कर लिए थे। अब पुलिस इस पूरे हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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