प्रयागराज

प्रयागराज जंक्शन स्टेशन का पुनर्विकास: मस्जिद को हटाने के लिए जारी किया गया नोटिस

Prayagraj Junction Railway Station: प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण कार्य हो रहा है। इसके लिए सिटी साइड स्थित मस्जिद को हटाने का नोटिस दिया गया है।

2 min read
फोटो सोर्स- X डीआरएम प्रयागराज
फोटो सोर्स- X डीआरएम प्रयागराज

Railways issues notice for demolition of mosque located near Prayagraj Junction railway station: प्रयागराज जंक्शन स्टेशन के पुनर्विकास कार्य चल रहा है। इसके निर्माण कार्य में मस्जिद अवरोध उत्पन्न कर रहा है। इस संबंध में रेलवे की तरफ से मस्जिद कमेटी को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें मस्जिद को अनधिकृत बताते हुए हटाने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में कमेटी के सदस्यों को चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के अंदर भवन को खाली कर दिया जाए। अन्यथा होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी मस्जिद कमेटी की होगी। नोटिस मिलने के बाद मस्जिद कमेटी में हड़कंप मच गया है। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वर्क पर बोर्ड से मस्जिद पंजीकृत है।‌ मस्जिद कमेटी रेलवे नोटिस के खिलाफ हाई कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।

प्रयागराज जंक्शन की तरफ से जारी किया गया नोटिस

उत्तर प्रदेश के उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य चल रहा है। सिटी साइट सर्कुलेटिंग एरिया में स्थित मस्जिद के कारण पुनर्निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस संबंध में उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जंक्शन के सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने मस्जिद कमेटी को नोटिस जारी किया है।

27 अप्रैल तक हटाने का आदेश

नोटिस में बताया गया है कि प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य 15 अप्रैल से शुरू है। मस्जिद रेलवे की भूमि पर अनधिकृत रूप से बनाई गई है। यह मस्जिद पुनर्निर्माण कार्य में बाधक है। निर्धारित समय के अंदर 27 अप्रैल तक परिसर को खाली कर दिया जाए, नहीं तो होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कमेटी की होगी। शासन प्रशासन की योजना के अनुसार पुनर्निर्माण कार्य में बाधक बनने वाले भवन को हटाया जाएगा। नोटिस के अनुसार 27 अप्रैल तक परिसर को खाली करना होगा।

क्या कहती है मस्जिद कमेटी?

नोटिस मिलने के बाद मस्जिद कमेटी में गर्माहट बढ़ गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है। मस्जिद कमेटी के लोगों का कहना है कि यह मस्जिद उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड है। इसे कोई अनाधिकृत नहीं मान सकता है। मस्जिद लंबे समय से यहां स्थापित है। धार्मिक स्थल को हटाने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए। ‌

Published on:
21 Apr 2026 04:12 pm