प्रयागराज

ट्रेन में हमला, FIR में 17 घंटे की देरी… आशुतोष महाराज ने उठाए सावाल, मेडिकल 6 दिन बाद क्यों?

8 मार्च को रीवा एक्सप्रेस में गाजियाबाद से प्रयागराज जाते समय आशुतोष महाराज पर अज्ञात व्यक्ति ने हमला कर दिया। इस हमले में उन्हें चेहरे और हाथ पर चोटें आईं।

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Ashutosh Maharaj attacked in Rewa Anand Vihar Express (फोटो- Patrika.com)

Ashutosh Maharaj VS Shankaracharya Avimukteshwaranand Controversy: 8 मार्च को आशुतोष महाराज रीवा एक्सप्रेस की फर्स्ट क्लास बोगी में गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे। सुबह के समय फतेहपुर और सिराथू स्टेशनों के बीच चलती ट्रेन में एक व्यक्ति ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमलावर ने उन्हें चोट पहुंचाई, जिससे उनकी नाक, चेहरा और हाथ पर चोटें आईं। वे खून से लथपथ हो गए।

आशुतोष महाराज ने बताया कि हमला सुबह करीब 5 बजे उनके केबिन के बाहर हुआ। वे चिल्लाए तो हमलावर बोगी में भाग गया। वे अपनी सीट पर लौट आए और सहयोगियों को फोन किया। प्रयागराज स्टेशन पहुंचने पर GRP के जवान पहले से मौजूद थे। उन्होंने बताया कि हमलावर बगल की बोगी में भागा है, लेकिन GRP वालों ने ट्रेन में जाकर उसे पकड़ने की कोशिश नहीं की। वे सिर्फ उनकी देखभाल में लगे रहे।

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FIR में देरी का आरोप

आशुतोष महाराज का कहना है कि शाम करीब 6:15 बजे उन्होंने FIR लिखवाने के लिए शिकायत दी, लेकिन GRP ने FIR रात 11-12 बजे लिखी। इसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाया गया। वहां मरहम-पट्टी तो कर दी गई, लेकिन पूरा मेडिकल जांच नहीं हुई। रात में दर्द बढ़ गया, उल्टी हुई और बुखार भी आ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके केस में जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है। FIR देर से लिखी गई और मेडिकल भी नहीं कराया गया। उन्हें CMO ऑफिस से लेकर डिप्टी CM तक फोन करना पड़ा।

GRP का जवाब

प्रयागराज GRP के इंस्पेक्टर ने कहा कि हमले के बाद आशुतोष महाराज को मेडिकल के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे खुद नहीं आए। पुलिस उनकी मदद कर रही है और हमलावर को ट्रेस करने की कोशिश जारी है। स्टेशनों के CCTV फुटेज देखे गए, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध नहीं मिला है। इसी वजह से हमलावर तक पहुंचने में देरी हो रही है।

मेडिकल जांच में देरी

हमले के बाद GRP ने आशुतोष महाराज का मेडिकल 14 मार्च को कराया। इस देरी पर सवाल उठे क्योंकि इसी मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR हुई थी और आशुतोष महाराज ने साजिश का आरोप लगाया था। लोग पूछ रहे हैं कि जांच में इतनी देरी क्यों हुई?

क्या है पूरा विवाद?

यह मामला काफी चर्चा में है, क्योंकि आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य के खिलाफ FIR कराई थी। अब खुद पर हमला होने के बाद वे पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। दूसरी तरफ GRP का कहना है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ चीजों में सहयोग की कमी रही। दैनिक भास्कर ने आशुतोष महाराज, GRP इंस्पेक्टर और CMO से बात की है।

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Published on:
16 Mar 2026 07:26 am
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