
Swarup Rani Nehru Hospital Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित मोतीलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज से जुड़े स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल का नाम बदलने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इस बड़े अस्पताल का नाम बदलकर अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर रखने की मांग की जा रही है। इस मांग को लेकर शहर में जगह-जगह विभिन्न संगठनों की ओर से पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं जो अब आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
दरअसल, जिस जगह पर आज स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल की इमारत खड़ी है वहां अंग्रेजी हुकूमत के दौरान मलाका जेल हुआ करती थी। यह वही जेल है जहां देश को आजादी दिलाने वाले कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को कठोर यातनाएं दी गई थीं। इसी जगह पर काकोरी कांड के महान नायक ठाकुर रोशन सिंह को अंग्रेजों ने फांसी के फंदे पर लटकाया था। यही मुख्य वजह है कि तमाम देशभक्त और राष्ट्रवादी संगठन इस अस्पताल का नाम बदलकर अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर रखने की पुरजोर मांग कर रहे हैं।
स्वरूप रानी नेहरू एक महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थीं। वह मशहूर बैरिस्टर और कांग्रेस नेता पंडित मोतीलाल नेहरू की पत्नी थीं। साथ ही वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू विजयालक्ष्मी पंडित और कृष्णा नेहरू की माता थीं। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनका भी बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने महिलाओं को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने के साथ-साथ विदेशी कपड़ों और वस्तुओं की दुकानों के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया था। वह हमेशा स्वतंत्रता सेनानियों का मार्गदर्शन करती थीं और उन्हें हर संभव मदद देती थीं। उन्हीं की याद में प्रयागराज में इस अस्पताल का निर्माण कराया गया था।
महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों में यह मांग प्रमुखता से उठाई गई है कि देश आजादी का अमृत काल मना रहा है और साल 2026 ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन एक्शन का शताब्दी वर्ष भी है। ऐसे में 9 अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस से ठीक पहले ठाकुर रोशन सिंह के महान बलिदान और उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए उन्हें पूरा राष्ट्रीय सम्मान दिया जाना चाहिए और अस्पताल का नाम उनके नाम पर किया जाना चाहिए। अब इसी ऐतिहासिक स्थान को लेकर अस्पताल के नाम पर बहस शुरू हो गई है।