
2006 के उमेश पाल अपहरण मामले में मुख्य अभियुक्त माफिया अतीक अहमद समेत तीन आरोपियों को प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट के जज डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि सात आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। उमेश पाल की 24 फरवरी को पहले प्रयागराज में हत्या हो गई थी। उमेश पाल के परिवार ने कोर्ट से माफिया अतीक के खिलाफ मृत्युदंड की मांग की है।
संतुष्ट नहीं दिखीं उमेशपाल की पत्नी
उमेश पाल अपहरणकांड में माफिया अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, लेकिन कोर्ट के इस निर्णय से पीड़ित पक्ष उमेश पाल की पत्नी जया पाल संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे निर्णय के विरुद्ध हाईकोर्ट में अपील करेंगी। उन्होंने अतीक के भाई अशरफ को भी सजा का हकदार बताया है। बता दें कि उक्त मामले में अतीक समेत तीन को सजा हुई है और उसके भाई अशरफ समेत 7 को बरी कर दिया गया है।
हाईकोर्ट जाने का किया ऐलान
एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आने के बाद उमेशपाल की पत्नी संतुष्ट नहीं दिखीं। उन्होंने कहा कि उनके पति की हत्या कराने वाले अतीक और अशरफ को फांसी की सजा होनी चाहिए। एमपी-एमएलए कोर्ट के खिलाफ अब वह हाईकोर्ट जाएंगी।
अतीक जाएगा साबरमती जेल, अशरफ बरेली जेल रवाना
एमपी-एमएलए कोर्ट में उमेश पाल अपहरण कांड में निर्णय सुनाए जाने के बाद अशरफ को वहीं से बरेली जेल के लिए रवाना कर दिया गया। दूसरे अभियुक्त फरहान को भी चित्रकूट जेल भेज दिया गया है। माफिया अतीक अहमद को अदालत से नैनी जेल ले जाया गया, लेकिन अंदर नहीं दाखिल कराया गया। वह करीब साढ़े चार बजे तक जेल के बाहर प्रिजन वैन में बैठा रहा। बाद में उसे नैनी जेल में एंट्री दे दी गई। अब पूरी तैयारी के बाद उसे साबरमती जेल ले जाया जाएगा।