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सुसाइड नोट में मौत के जिम्मेदार का बताया नाम; आखिरी इच्छा का भी किया जिक्र, प्रयागराज का सनसनीखेज मामला

Crime News: सुसाइड नोट में मौत के जिम्मेदार का नाम लिखकर पोस्टमास्टर ने जान दे दी। पोस्टमास्टर ने नोट में आखिरी इच्छा का भी जिक्र किया। जानिए पूरा मामला क्या है?

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suspicious death of postmaster in prayagraj suicide note holds cashier responsible crime news

प्रयागराज में पोस्टमास्टर ने किया सुसाइड। फोटो सोर्स-Ai

Crime News:प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित पीपल गांव की देव प्रयागम कॉलोनी में मंगलवार सुबह डाक विभाग के पोस्टमास्टर जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव (Jagdamba Prasad Srivastava) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की है। मौके से पुलिस को एक पन्ने का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए खजांची सुरेंद्र कुमार को जिम्मेदार ठहराया है।

सुसाइड नोट में परिवार को परेशान न करने की अपील

पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में लिखा गया है कि उनकी मौत का जिम्मेदार खजांची सुरेंद्र कुमार है। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि उनके परिवार को परेशान न किया जाए और उनकी अंतिम इच्छा है कि शव का पोस्टमार्टम न कराया जाए। मामले में पुलिस ने मृतक के बड़े बेटे प्रखर श्रीवास्तव की तहरीर पर विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।

सुबह टहलने निकले थे, फिर कमरे में चले गए

जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव देव प्रयागम कॉलोनी में अपनी पत्नी प्रेमा और दो बेटों के साथ रहते थे। वह लंबे समय से सूबेदारगंज डाक विभाग में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत थे। परिजनों के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब चार बजे वह घर से टहलने निकले थे। कुछ देर बाद वापस लौटे और सीधे अपने कमरे में चले गए। सुबह करीब साढ़े 5 बजे सूचना मिली कि उन्होंने कमरे में धोती के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी है। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक परिजन उन्हें फंदे से नीचे उतार चुके थे।

65 लाख रुपये की ट्रेजरी एंट्री को लेकर उठे सवाल

पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 65 लाख रुपये पोस्ट ऑफिस की ट्रेजरी में जमा किए जाने थे। यह रकम कार्यालयीय प्रक्रिया के तहत जमा होनी थी, लेकिन अधिकारियों के अनुसार रकम ट्रेजरी में जमा नहीं हुई थी। बताया जा रहा कि सोमवार को कैश जमा कराने और मिलान को लेकर जगदंबा प्रसाद से बातचीत हुई थी। इसके बाद उनकी मौत की खबर सामने आई।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि बीते कुछ दिनों से वह मानसिक तनाव में थे। आशंका जताई जा रही है कि ट्रेजरी एंट्री और कैश जमा करने को लेकर कार्यालय में किसी तरह का दबाव या विवाद चल रहा था।

फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया सुसाइड नोट

पुलिस ने सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग मिलान के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया है। इसके अलावा पोस्ट ऑफिस के वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि 65 लाख रुपये ऑनलाइन एंट्री में दिखाए गए थे, लेकिन रकम ट्रेजरी तक नहीं पहुंची।

विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ

मामले की जांच कर रही पुलिस खजांची समेत विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। कैश लेनदेन, ट्रेजरी एंट्री और कैश मिलान से जुड़े पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। इसके अलावा कई लोगों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी निकलवाई गई है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

एसीपी बोले- हर पहलू की जांच जारी

धूमनगंज के एसीपी अजेंद्र यादव (Ajendra Yadav) ने कहा कि मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। घटनास्थल से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें खजांची पर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पोस्ट ऑफिस में वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी की बात सामने आई है और मोबाइल सीडीआर व दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ डाक अधीक्षक ने क्या कहा?

वरिष्ठ डाक अधीक्षक सुशील कुमार तिवारी (Sushil Kumar Tiwari) ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे तक जगदंबा प्रसाद ने ऑनलाइन एंट्री में 65 लाख रुपये दर्शाए थे, लेकिन रकम ट्रेजरी में जमा नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि रविवार अवकाश होने के कारण सोमवार को संपर्क किया गया तो जगदंबा प्रसाद ने कहा था कि वह लखनऊ गए हैं और रुपये उनके पास हैं। बाद में उन्होंने बताया कि वह ऊंचाहार पहुंच गए हैं और लौटकर रुपये जमा कर देंगे, लेकिन वह कार्यालय नहीं पहुंचे। इसके बाद उनके आत्महत्या करने की सूचना मिली।