पुणे

Bengal elections: संजय राउत ने डोनाल्ड ट्रंप को लिखा पत्र, PM मोदी को दी गई बधाई पर उठाए सवाल; चुनाव आयोग को भी घेरा

Sanjay Raut Letter Donald Trump: पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत पर डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पीएम मोदी को दी गई बधाई के विरोध में संजय राउत ने ट्रंप को पत्र लिखा है। पत्र में राउत ने चुनाव आयोग पर पक्षपात और दबाव तंत्र के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए इसे भारत का आंतरिक मामला बताया।
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May 08, 2026
Sanjay Raut Letter Donald Trump
Sanjay Raut IANS photo

Sanjay Raut vs PM Modi: देश में एक साथ पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आएं, लेकिन सबसे ज्यादा राजनीति पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर हो रही है। यहां पर भाजपा की बहुमत आने के बाद से न केवल भारत, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल मची हुई है। दरअसल, बंगाल में ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 207 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज कर पहली बार सत्ता हासिल की है। इस जीत के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई बधाई पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने आपत्ति जताई है और ट्रंप को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

ट्रंप के अभिनंदन पर राउत का पलटवार

संजय राउत ने डोनाल्ड ट्रंप को लिखे अपने पत्र में स्पष्ट किया कि भारत में हुए चुनाव राज्य स्तर के थे और यह भारत के संघीय लोकतंत्र का आंतरिक विषय है। राउत ने पत्र में लिखा कि ऐसे समय में किसी भी बाहरी देश की ओर से समर्थन या बधाई देना 'असामयिक और अनुचित' लगता है। उन्होंने ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें भारत में चुनाव के दौरान जमीनी हकीकत और संवैधानिक संस्थाओं की स्थिति के बारे में भी जानना चाहिए।

चुनाव आयोग और निष्पक्षता पर सवाल

संजय राउत ने अपने पत्र के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा किया। दरअसल, उन्होंने पक्षपात का आरोप लगाते हुए दावा किया कि आम जनता के बीच यह धारणा है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष होकर काम नहीं किया और आयोग की भूमिका पूरी तरह भाजपा के पक्ष में थी। इसके साथ ही उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि चुनाव के दौरान भय का माहौल बनाया गया, धमकियां दी गईं और विपक्षी दलों के खिलाफ दबाव तंत्र का इस्तेमाल किया गया। राउत ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावों का स्वतंत्र, न्यायसंगत और विश्वसनीय होना जरूरी है, लेकिन बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और आयोग के फैसलों ने संवैधानिक संस्थाओं की तटस्थता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

विदेशी हस्तक्षेप और आंतरिक राजनीति

संजय राउत का यह पत्र राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। राउत ने तर्क दिया कि जब देश के भीतर चुनाव प्रक्रिया को लेकर संदेह और शिकायतों का अंबार लगा हो, तो विदेशी नेताओं का बधाई देना भारतीय लोकतंत्र की आंतरिक चुनौतियों को नजरअंदाज करने जैसा है।

बता दें कि बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही विपक्षी दल लगातार भाजपा और चुनाव आयोग पर हमलावर हैं। संजय राउत के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना विरोध दर्ज कराने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

Published on:
08 May 2026 02:34 pm
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