Maharashtra BJP Meeting: महाराष्ट्र बीजेपी ने मुंबई में बैठक कर कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची से फर्जी नाम हटाने के लिए 'बंगाल मॉडल' अपनाने को कहा है। किरीट सोमैया ने राज्य में 50 लाख फर्जी वोटरों और बांग्लादेशी घुसपैठियों का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया।
Maharashtra Politics: देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद पूरे देश में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मुंबई में बुधवार को आयोजित प्रदेश बीजेपी की एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को पश्चिम बंगाल से सीख लेने का निर्देश दिया गया, जहां कथित तौर पर 64 लाख अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे।
प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 700 से अधिक सांसद, विधायक और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता किरीट सोमैया ने दावा किया कि महाराष्ट्र में कम से कम 50 लाख अपात्र मतदाता हैं। सोमैया ने कहा, 'महाराष्ट्र बीजेपी को पश्चिम बंगाल से सबक लेना चाहिए। वहां 64 लाख फर्जी नाम हटाए गए थे। तृणमूल कांग्रेस भले ही इसका दोष विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को दे, लेकिन सच्चाई यह है कि अवैध वोटों पर हमारी आपत्तियों को चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने सही ठहराया था।'
सोमैया ने मतदाता संख्या में बढ़ोतरी के आंकड़ों का हवाला देते हुए घुसपैठ और फर्जीवाड़े के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुलुंड में 2009 में 2.96 लाख मतदाता थे, जो 2024 में मामूली बढ़कर 3 लाख हुए, जबकि मुंब्रा में इसी अवधि के दौरान मतदाताओं की संख्या 2.81 लाख से बढ़कर 4.87 लाख पहुंच गई। उन्होंने आरोप लगाया कि धुले, मालेगांव, सिल्लोड, भिवंडी और मुंब्रा जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में अपात्र और संदिग्ध मतदाता मौजूद हैं, जिनमें ‘अवैध बांग्लादेशी’ भी शामिल हैं।
बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे राज्य के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों और 1.7 लाख बूथों पर होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करें। पार्टी नेताओं ने जोर देकर कहा कि कार्यकर्ता इस अभियान का उपयोग 'बांग्लादेशी घुसपैठ' के खिलाफ अपनी मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए करें। बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष केशव उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के महत्व के प्रति जागरूक करना था, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न रहे।