Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के हालिया निकाय चुनाव के बाद सियासी हलचल तेज है। मालेगांव नगर निगम में ओवैसी की पार्टी को सत्ता से दूर रखने के लिए भाजपा और कांग्रेस के साथ आने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में सबको चौंका दिया है।
Maharashtra Politics:महाराष्ट्र में हालही में हुए निकाय चुनाव के बाद जमकर सियासी छिंटाकसी देखने मिली। अभी भी मेयर बनाने के लिए पार्टियां हर हथकंडे अपनाने में लगी हुई है। इसी बीच खबर आ रही है कि मालेगांव नगर निगम में ओवैसी की पार्टी को सत्ता से दूर रखने के लिए दो धुर-विरोधी पार्टी एक होने जा रहे हैं। दरअसल, यहां पर भाजपा और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है। इस गठजोड़ ने सभी सियासी पंडितों को चौंका कर रख दिया है।
आपको बता देंं कि हाल ही में मालेगांव नगर निगम चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक महापौर और उपमहापौर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इसी को लेकर नगर निगम की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है और सत्ता गठन को लेकर जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। एक निजी पोर्टल पर छपी खबर के मुताबिक, इस बीच कांग्रेस के तीन और भाजपा के दो पार्षदों ने एकजुट होकर पांच सदस्यों का एक औपचारिक राजनीतिक समूह बनाया है। इस नए गठबंधन को ‘भारत विकास आघाड़ी’ नाम दिया गया है। साथ ही, इस नवगठित मोर्चे का नेतृत्व कांग्रेस पार्षद एजाज बेग को सौंपा गया है, जिससे मालेगांव की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह गठबंधन इसलिए किया गया है ताकि सत्ता में अहम भूमिका निभाना और एआईएमआईएम के प्रभाव को कम किया जा सके। खास बात यह है कि कुछ दिन पहले अकोट में बीजेपी और एआईएमआईएम के बीच बने अस्थायी गठबंधन को लेकर पूरे राज्य में विवाद हुआ था, जिसके बाद बीजेपी को समर्थन वापस लेना पड़ा था। ऐसे में अब मालेगांव में बीजेपी का कांग्रेस के साथ आना यह साफ दिखाता है कि स्थानीय राजनीति में हालात और समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।