NEET Paper Leak: पुणे कॉलेज की प्राचार्य मनीषा हवलदार का नाम NEET पेपर लीक मामले में सामने आया है। जानिए कौन है मनीषा हवलदार और कैसे उन्होंने नीट पेपर में घोटाला किया...
Manisha Havaldar NTA Expert: नीट पेपर लीक मामले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस केस में पुणे के एक कॉलेज की प्रिंसिपल मनीषा हवलदार का नाम सामने आने से मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। वह 33 साल से शिक्षा के क्षेत्र में रह चुकी हैं और सीबीआई ने उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। आपको बता दें कि इस मामले में गिरफ्तार होने वाली तीसरी टीचर हैं। मनीषा कुछ ही दिनों बाद रिटायर होने वाली थीं और उनका सीधा जुड़ाव एनटीए से है।
मनीषा हवलदार ने साल 1992 में पुणे के सेठ हिरालाल सराफ महाविद्यालय में फिजिक्स की प्रोफेसर के तौर पर काम शुरू किया था। लगभग 30 साल तक उन्होंने कॉलेज में पढ़ाया और उसके साथ-साथ कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाईं। लंबे अनुभव और कॉलेज में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें साल 2024 में प्रिंसिपल बनाया गया था।
58 साल की मनीषा हवलदार 30 जून को रिटायर होने वाली थीं। रियारमेंट से कुछ दिन पहले ही नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद उनके पूरे करियर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लगातार इस मामले में टीचर्स की हो रही गिरफ्तारी के बाद शिक्षा जगत पर सवाल उठ रहे हैं और साथ ही परीक्षा प्रणाली को भी लगातार घेरे में लिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मनीषा को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने फिजिक्स सब्जेक्ट की एक्सपर्ट के रूप में चुना था। नीट एग्जाम के प्रश्नपत्र तैयार करने वमें भी उनकी भूमिका थी। फिजिक्स से जुड़े सवालों और पेपर सेटिंग की जिम्मेदारी उनके पास थी. यही कारण है कि परीक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियों तक उनकी पहुंच थी।
मनीषा पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से जुड़ी जानकारी और प्रश्नपत्रिका एक अन्य आरोपी तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। एजेंसियों का दावा है कि उनके पास इस संबंध में महत्वपूर्ण सबूत मौजूद हैं। इसी आधार पर कार्रवाई की गई है। आपको बता दें कि इस मामले में अब तक 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैँ।