Sunetra Pawar: सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाए जाने की तैयारी ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। महायुति के इस फैसले से शरद पवार खेमे को बड़ा झटका लगा है।
Sunetra Pawar: अजित पवार के प्लेन हादसे में निधन होने के बाद महाराष्ट्र सियासत में शोक की लहर तो है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा सियासी हचचल भी है। दरअसल, एक तरफ दावा किया जा रहा है कि अजित पवार की इच्छा थी कि एनसीपी फिर से एक हो जाए, लेकिन वहीं, दूसरी तरफ महायुति के फैसले से शरद पवार सदमे में नजर आ रहे हैं। बता दें कि शनिवार शाम 5 बजे अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने जा रही है।
अब सियासी पंडितों की मानें तो महायुति ने सुनेत्रा पवार को डिप्टी पद देने का निर्णय लेने के साथ एनसीपी के सियासी सफर पर भी पूर्णविराम लगाने का काम किया है। सूत्रों का कहना है कि महायुति ने शरद पवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। क्योंकि शरद पवार ने दावा किया है कि पिछले चार महीनों से दोनों पार्टियों को फिर से एक करने के लिए चर्चा चल रही थी, उन्होंने कहा कि इसके लिए 12 फरवरी की तारीख भी तय की गई थी, लेकिन इसी बीच अजित की अचानक निधन होने की वजह से पूरा प्लान अधूरा रह गया।
आपको बता दें कि अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन की खबर आने के बाद जितना दुख उनके जाने का था, उतनी ही टेंशन सियासत को लेकर भी होने लगी। यही कारण है कि उनके निधन के 2 दिन बाद ही महायुति उनकी पत्नी को डिप्टी सीएम बनाने के लिए तैयार हो गई। दरअसल, उनके निधन के बाद इस बात की चर्चा तेज हो गई थी कि अब दोनों पवार की पार्टियां फिर से एक होने वाली हैं, जिसके बाद सियासत में यह संदेश जाने लगा कि अगर दोनों पार्टियां एक होती हैं तो फिर से पार्टी का पूरा कंट्रोल फिर से शरद पवार के पास जा सकता है। राजनीति विश्लेषकों का कहना है कि इसी वजह से बिना देर किए महायुति के द्वारा राजनीतिक दांव चला गया है।
महाराष्ट्र की सियासत को टटोलने के बाद पता चला कि एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे नहीं चाहते कि पार्टी फिर से शरद पवार के नेतृत्व में लौटे। इसी वजह से उन्होंने ऐसी रणनीति अपनाई जिससे सुनेत्रा पवार को पहले विधायक दल का नेता बनाया गया और बाद में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाने का रास्ता भी आसान हो गया। शनिवार को एनसीपी की विधायक दल की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुने जाने की पूरी संभावना है। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक औपचारिक पत्र सौंपकर उन्हें उपमुख्यमंत्री पद के लिए नामित करने की सिफारिश की जाएगी।