
रायबरेली : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को रायबरेली के लोधवारी गांव में बहुजन स्वाभिमान सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आगाह किया कि देश पर 'आर्थिक तूफान' आने वाला है, जिससे आम जनता, किसान, युवा, मजदूर और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
राहुल गांधी ने कहा, 'मोदी जी ने जो आर्थिक संरचना बदली है, अब आर्थिक तूफान आ रहा है। अडानी-अंबानी वाला ढांचा टूट जाएगा। अडानी, अंबानी और मोदी महलों में बैठे रहेंगे, लेकिन दर्द जनता को उठाना पड़ेगा।'
उन्होंने कोविड और नोटबंदी का जिक्र करते हुए दावा किया कि जैसे उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टीवी पर रोए थे और कहा था 'मुझे फांसी पर लटका दो', वैसे ही इस आर्थिक संकट में फिर रोते नजर आएंगे और कहेंगे 'मेरी गलती नहीं है'।
राहुल ने वैश्विक घटनाओं का हवाला दिया। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Hormuz Strait) बंद होने से तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की कीमतें बढ़ने वाली हैं। इससे समग्र महंगाई आसमान छू सकती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस तूफान से जनता को नहीं बचा पाएगी।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और RSS ने संविधान को कमजोर किया है। उन्होंने कहा:
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि RSS वालों के सामने खुलकर बोलें कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संगठन “गद्दार” हैं क्योंकि उन्होंने देश को बेचा है।
राहुल गांधी ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, आर्थिक तूफान सिर पर है और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफी बांट रहे हैं। किसान, युवा, महिलाएं, मजदूर और छोटे व्यापारी रो रहे हैं। PM हंसकर रील बना रहे हैं और BJP वाले ताली बजा रहे हैं।
राहुल गांधी 19 मई को दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे थे। यह 2024 लोकसभा चुनाव के बाद उनका 7वां दौरा है। बुधवार को वे अमेठी पहुंचे, जहां संजय गांधी अस्पताल में मरीजों से मुलाकात की। राजनीतिक विश्लेषक इसे 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देख रहे हैं।
वर्तमान में वैश्विक स्तर पर हॉर्मुज स्ट्रेट संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। भारत जैसे तेल आयातक देशों पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि, सरकार का दावा है कि भारत के पास पर्याप्त स्टॉक है और विविध स्रोतों से आयात जारी है।