
रायबरेली. तहसील कर्मचारियों की लापरवाही का आलम तो देखिये! कर्मचारियों ने एक महिला को 100 रुपए वार्षिक आय का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। मतलब 8.33 रुपये प्रतिमाह की कमाई। मामला मीडिया में वायरल हुआ तो तहसीलदार ने महिला का आय प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया। आपको बता दें कि डलमऊ तहसील में ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाणपत्र और खतौनी जैसी कागजों में गलतियों की इंतहा होती रही है।
महिला को 100 रुपये वार्षिक आय का प्रमाण पत्र निर्गत करने के मामले में तहसील का कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। अधिकारी और कर्मचारी खुद को ही बचाने में लगे हैं। मात्र सौ रुपए का आय प्रमाण पत्र जारी होने का मामला प्रकाश में आते ही डलमऊ तहसीलदार ने आनन-फानन में प्रमाण पत्र को निरस्त करने के निर्देश दिये। आय प्रमाण पत्र बनवाने वाली महिला सूर्यसती ने बताया कि उसे फिर से आय प्रमाण पत्र दोबारा बनवाने की प्रक्रिया करने को कहा गया है।
क्या है पूरा मामला
तहसील क्षेत्र के सेलरहा मजरे बिसुन दासपुर निवासी अशोक कुमार की पत्नी सूर्यसती ने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। आवेदन पर लेखपाल ने जांच के बाद आवेदक की आय 8.33 रुपये प्रतिमाह दर्शाते हुए आवेदक की वार्षिक आय 100 रुपये का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। आवेदक ने जब अपनी आय देखी तो वह सन्न रह गई। अपने आय प्रमाण पत्र को सही कराने के लिए वह दो दिनों से तहसील के चक्कर लगा रही है। ग्राम प्रधान ने कहा कि कि महिला के पास एक बीघे से अधिक भूमि है, फिर फिर 100 रुपये वार्षिक आय का प्रमाण पत्र हास्यास्पद है।
लंबी प्रक्रिया के बाद ही बनते हैं प्रमाण पत्र
गौरतलब है कि आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास आदि प्रमाण पत्रों में सबसे पहले लेखपाल जांचोपरांत अपनी आख्या देता है। फिर जांच के बाद तहसीलदार प्रमाण पत्र जारी करते हैं। इतनी जांच प्रक्रिया होने के बावजूद 100 रुपये प्रति वर्ष का आय प्रमाण पत्र कैसे बन गया, आश्चर्य का विषय है।
तहसीलदार बोले- तकनीकी खामी
मामले में तहसीलदार ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण गलत प्रमाण पत्र जारी हुआ है। प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया गया है। आय प्रमाण पत्र दोबारा बनाने की बात कही गई गई है।