
रायगढ़. शिक्षा विभाग आरटीई के तहत प्रवेश दिलाने के लिए आवेदन लेकर फंस गई है। जिसके कारण मनमानी करने वाले स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। जिले के करीब 450 प्रायवेट स्कूलों में से 14 स्कूलों ने इसके तहत आरक्षित सीट संख्या की जानकारी विभाग को नहीं दी है जबकि 30 अप्रैल तक शिक्षा के अधिकार कानून के तहत कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा का हक दिलाने के लिए आवेदन लिया गया है। इसमें जिले भर के प्रायवेट स्कूलों के नाम आवेदन आए हैं। हांलाकि विभाग अभी उक्त आवेदनों का स्कु्रटनी कर रही है
इसके बाद ड्रा किया जाना है लेकिन विभाग के अधिकारी इस असमंजस में फंसे हुए हैं कि जिन 14 स्कूलों ने आरटीई के तहत आरक्षित सीट की जानकारी नहीं दी है ऐसे प्रायवेट स्कूलों के आवेदन में किस हिसाब से ड्रा किया जाएगा। बताया जाता है कि उक्त स्कूलों को पूर्व में भी कई जानकारी विभाग को देने के लिए निर्देश दिया जा चुका है इसके बाद भी स्कूल जानकारी नहीं दे रहे हैं। प्रोटॉल में अभाी तक आरक्षित सीट की संख्या न भरने वाले उक्त 14 स्कूलों को शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर अल्टीमेटम दिया है।
बताया जाता है कि नोटिस के माध्यम से यह कहा गया है कि समय पर जानकारी अपडेट न करने पर संबंधित स्कूल की मान्यता समाप्त की जाएगी। शनिवार को अनुश्रवण समिति की हुई बैठक में उक्त 14 स्कूलों के प्रकरण भी शामिल किया गया है जिसमें समिति ने संबंधित स्कूल पर कार्रवाई करने के लिए अनुशंसा किया है। हांलाकि विभाग के अधिकारियों की माने तो इनको अंतिम मौका दिया जाना बताया जा रहा है।
हर बार करते हैं आना-कानी
प्रायवेट स्कूल संचालक हर वर्ष शिक्षा विभाग को जानकारी देने में आना-कानी करते हैं। मान्यता रिन्युवल कराने की चल रही प्रक्रिया में भी 15 स्कूलों ने आधे अधूरे दस्तावेज विभाग को दिया है। जबकि इनको अब तक की स्थिति में 5-6 माह से मौका दिया जा रहा है।
नहीं देते हैं कोई जवाब
मान्यता रिन्युवल के प्रकरण में भी देखा जाए तो कई ऐसे स्कूल सामने आए हैं जिनको शिक्षा विभाग के नोटिस का कोई असर नहीं हुआ। स्कूल प्रबंधन इनका जवाब तक नहीं दिए जिसके कारण मान्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई हो गई। इसके बाद स्कूल प्रबंधन जागे और पुर्नविचार के लिए आवेदन लगाए।
जानकारी जिले के 14 प्रायवेट स्कूलों ने नहीं दिया
आरटीई के तहत आरक्षित सीटों की जानकारी जिले के 14 प्रायवेट स्कूलों ने नहीं दिया है। इनको नोटिस जारी किया गया है। समय पर जानकारी नहीं मिलने पर मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
-आरपी आदित्य, डीईओ रायगढ़