
DMF Development Works: छत्तीसगढ़ सरकार ने रायगढ़ जिले के विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के तहत 4 करोड़ 13 लाख 82 हजार 400 रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य खनन प्रभावित और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराना है।
स्वीकृत परियोजनाओं में सबसे बड़ी राशि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए निर्धारित की गई है। धरमजयगढ़ क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा के निर्माण एवं उन्नयन कार्य के लिए 2 करोड़ 80 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्रवासियों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पांच अलग-अलग योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। गोरपार, नंदगांव, शाहपुर, नवापारा और पुसल्दा गांवों में नलकूप, सम्पवेल, पाइपलाइन विस्तार और रॉ-वॉटर पंप जैसी योजनाओं पर लाखों रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से ग्रामीणों को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा।
युवाओं को बेहतर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए धरमजयगढ़ स्थित शासकीय आईटीआई भवन के जीर्णोद्धार हेतु 82.86 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, ग्राम पंचायत साम्हारसिंघा में नए प्राथमिक विद्यालय भवन के निर्माण के लिए 14.30 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई है। स्वास्थ्य संबंधी कार्य छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC), पेयजल योजनाएं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED), आईटीआई भवन का जीर्णोद्धार छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड तथा प्राथमिक विद्यालय भवन का निर्माण जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के माध्यम से कराया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन विकास कार्यों के पूरा होने से रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और जिले के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।