संजय लहरे ने गांव की ही हेमलता जाटवर व सोहन लहरे ने गांव की पूर्णिमा भारद्वाज से बीते मई में पे्रम विवाह किया था। इसके अलावा गांव का गौतम जाटवर ने भांठागांव के त्रिशला सुमन से प्रेम विवाह किया था।
रायगढ़. कोसीर थाना क्षेत्र के पेपिस्दा गांव में दो परिवार के तीन युवकों को प्रेम विवाह करना महंगा पड़ गया। सरपंच पति व गांव के अन्य लोगों ने पीडि़त परिवार को गांव से बहिष्कृत कर दिया। वहीं उन्हें समाज में मिलाने के लिए प्रत्येक जोड़े को तीन-तीन लाख रुपए देने की शर्त रखी गई है। इसकी शिकायत पीडि़त परिवारों ने पुलिस से की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार संजय लहरे ने गांव की ही हेमलता जाटवर व सोहन लहरे ने गांव की पूर्णिमा भारद्वाज से बीते मई में पे्रम विवाह किया था। इसके अलावा गांव का गौतम जाटवर ने भांठागांव के त्रिशला सुमन से प्रेम विवाह किया था। तीनों अपना दांपत्य जीवन खुशी-खुशी बिता रहे थे।
शादी के कुछ माह बाद ग्राम कपिस्दा के पनतराम ने अपने पुत्री हेमलता जाटवर का संजय लहरे से प्रेम संबंध का विरोध कर गांव में सामाजिक बैठक बुलाई। जिसमें समाज में प्रत्येक को दो-दो लाख रुपए देने पर समाज में मिलाने की शर्त रखी गई थी। चूंकि पीडि़त परिवार की रुपए चुकाने की हैसियत नहीं थी।
ऐसे में उन्होंने समाज के शर्त को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद गांव के लोग सामूहिक बैठक लेकर प्रेम विवाह करने वाले लोगों पर तीन-तीन लाख रुपए का जुर्माना और तीनों परिवारों को गांव से बहिष्कृत कर दिया। जिसकी शिकायत पीडि़तों परिवारों एसपी, कलेक्टर और अधिकारियों से की।
अधिकारियों की समझाइश पर ग्रामीण मान गए। बाद में अधिकारियों से शिकायत करने को लेकर नाराज ग्रामीणों ने इनसे संपर्क रखने वालों पर भी जुर्माना लगाना शुरू कर दिया। पीडि़त परिवारों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी, शिकायत सही पाए जाने पर ग्रामीणों पर अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।