किसी को भी अधिकार नहीं कि वह किसी भी व्यक्ति को गांव में जाने से रोके
रायगढ. पिछले कई दिनों से सुर्खियों में आए आदिवासियों के पत्थलगड़ी आंदोलन पर आखिरकार सीएम डॉ रमन सिंह ने अपनी बात रखी।
सीएम ने कहा कि आंदोलन को किसी भी स्तर पर सही नहीं कहा जा सकता। वहीं इस आंदोलन की लिए सीएम ने धर्मांतरण करने वाली ताकतों को इसका जिम्मेदार बताया है। सीएम ने कहा कि जिस प्रकार का आंदोलन चलाया जा रहा है। ना लोकसभा, ना विधानसभा में राज्य सरकार व नाही केन्द्र सरकार को यह अधिकार है कि वह किसी गांव में किसी व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए। आखिर इसका क्या मतलब है?
इस देश में कोई किसी को कहीं जाने से कैसे रोक सकता है? यह धर्मांतरण करने वाली ताकतों की साजिश है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में इस आंदोलन के उठने के सवाल पर सीएम ने कहा कि यहां कि जनता जागरुक है। वह ऐसे लोगों का साथ कभी नहीं देगी।
कुछ दिन पहले हुए पत्थलगड़ी आंदोलन के विरोध में भाजपा की ओर से सद्भावना यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा का नेतृत्व केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया था। सीएम से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विष्णु देव साय इस आंदोलन में केंद्रीय मंत्री की हैसियत से शामिल नहीं हुए थे।
ये तो सरकार को भी बाहर कर रहें हैं
सीएम ने कहा कि प्रजातंत्र में जिस प्रकार से इस आंदोलन को चलाया जा रहा था वह उचित नहीं है। यह तो सरकार को भी अंदर जाने नहीं दे रहे हैं। उनको मना कर रहे हैं। प्रजातंत्र में ऐसा नहीं होता। मैंने कहा कि जहां तक इस आंदोलन का असर है उसके बारे में आप देखिए कि लोग लंबी-लंबी रैलियां निकाल कर इसका विरोध कर रहे हैं। तो प्रदेश में इसका कोई खास असर नहीं होगा।
80 करोड़ के ईएसआईसी अस्पताल का भूमि पूजन
दरअसल सीएम डॉ रमन सिंह गुरुवार को रायगढ़ के परसदा गांव में 80 करोड़ के ईएसआईसी अस्पताल के भूमि पूजन के लिए आए थे। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की कई श्रमिक संबंधी योजनाओं के विषय में जनता को जानकारी दी।