रायगढ़

पत्थर के अवैध उत्खनन पर कार्रवाई की मांग, लेकिन रेत को लेकर मौन

जिला पंचायत सदस्यों द्वारा आम तौर पर पत्थर के अवैध उत्खनन

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Apr 22, 2018
जिला पंचायत सदस्यों द्वारा आम तौर पर पत्थर के अवैध उत्खनन

रायगढ़. जिला पंचायत सदस्यों द्वारा आम तौर पर पत्थर के अवैध उत्खनन व क्रशरों के खिलाफ लगातार अवाज उठाया जाता है, लेकिन पुसौर क्षेत्र में चल रहे रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर जिला पंचायत सदस्य मौन हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि जिला पंचायत में विपक्ष की भूमिका निभाने वाले सदस्य का क्षेत्र पुसौर है और यहां पर खुले तौर पर बड़माल और रेंगालपाली में रेत का अवैध उत्खनन व डंपिंग करने का काम पिछले लंबे समय से चल रहा है।


यहां रेत की सप्लाई एनटीपीसी व अन्य क्षेत्र में खपाया जा रहा है पिछले वर्ष यहां कार्रवाई के दौरान कई गाडिय़ां परिवहन करते हुए तो कई उत्खनन करते हुए पकड़ा गया। इसके बाद खनिज विभाग ने भी मौन साध लिया और फिर तस्कर सक्रिय हो गए आज भी यहां अवैध उत्खनन व परिवहन का काम चल रहा है जिसको लेकर जिला पंचायत सदस्य ने एक बार भी आवाज नहीं उठाई न ही कार्रवाई की कभी मांग की। कुलमिलाकर देखा जाए तो खनिज विभाग की अनदेखी और जिला पंचायत सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की चुप्प्पी तस्करों को खुला सह दे रही है।

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एनटीपीसी में खप रहा है अवैध रेत
निर्माणाधीन एनटीपीसी में सिविल कार्य काफी अधिक तेजी से चल रहा है। कई ठेका कंपनी यहां काम कर रहे हैं। बड़माल और रेंगालपाली से निकल रहे रेत उक्त ठेका कंपनी में खपाने की बात सामने आ रही है। इसके बाद भी खनिज विभाग न तो रेत तस्करों के खिलाफ कोई अभियान चला रहे हैं न तो कोई कार्रवाई किया जा रहा है।


शासन को हर साल हो रहा भारी नुकसान
शासन को हर साल लाखों रुपए का राजस्व मिलता है और पुसौर के रेंगालपाली में केलो तट में रेत उत्खनन कर पुरा गड्ढा कर दिया गया है। और अब बड़माल में किया जा रहा है। इसके कारण शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है इसके बाद भी विभाग कार्रवाई नहीं कर रही है।

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Published on:
22 Apr 2018 02:25 pm
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